सहारनपुर। कारखाना निदेशक (श्रम) बालकृष्ण शुक्ला ने कहा कि लघु उद्योगों में रोजगार की सर्वाधिक संभावना है। ऐसे में कानून बनाकर उद्यमियों को परेशान करने का सवाल नहीं उठता है। सरकार का प्रयास कामगारों और उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा करने का है।
दिल्ली रोड स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि लघु उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देने में सक्षम हैं। सहारनपुर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ ने कहा कि जहां 15 से 20 कर्मचारियों वाले उद्योग पर 100 कर्मचारियों वाले उद्यम का कानून लागू करना उद्यमियों के उत्पीड़न करने जैसा है। कहा कि प्रत्येक उद्यमी अपने कर्मचारियों को बेहतर सुविधा देकर खुश रखना चाहता है। लेकिन कुछ कानूनों के जटिल होने से उनका पूरा अनुपालन करना छोटे उद्योगों के लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपना नजरिया बदलते हुए दंडात्मक कार्रवाई की बजाए सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर देना होगा। तभी लघु उद्योग पनप सकते हैं। सरदार दलजीत कोचर ने कहा कि नए अधिकारियों की कार्यशैली सकारात्मक है। अनिरुद्ध सक्सेना और संजय ने सौर ऊर्जा के फायदे बताते हुए कहा कि सोलर पावर मात्र 1.50 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है जबकि विद्युत का रेट 8.50 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ रहा है। सौर ऊर्जा का प्रयोग करके हम अपने उत्पाद को सस्ता बना सकते हैं। संचालन अशोक छाबड़ा ने किया। सुभाष गुप्ता, दर्शन लाल गुप्ता, दिनेश सेठी, महेंद्रपाल बत्रा, केसी वालिया, राजीव अग्रवाल, संजय जैन, रमन मक्कड़, सुधीर बड्डू, रजत अग्रवाल, दीपक बंसल, अतुल मित्तल, कमलेश अग्रवाल, अरुण सड़ाना, विनोद गुंबर, डीके बंसल, पीडी शर्मा, त्रिभुवन, सुनील अनेजा, सुरेश फुटेला, सोम गोयल, गनपत राय, पूनम भार्गव, शरद भार्गव आदि रहे।