चिलकाना (सहारनपुर)। मसखरा नदी पर क्षतिग्रस्त हुए लोहे के पुल की मरम्मत निर्धारित तीन दिन में भी पूरा नही होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
चिलकाना गंदेवड़ मार्ग पर स्थित मसखरा नदी पर बने लोहे के अस्थाई पुल का एक हिस्सा चार दिन पूर्व टूट गया था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुल को कमजोर मानते हुए बंद कर दिया था। अधिकारियों ने पुल की मरम्मत तीन दिन में करने की बात कही थी। विभाग के ठेकेदार ने पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। बुधवार को मरम्मत का कार्य पूरा होने की समयावधि पूरी हो चुकी है लेकिन अभी भी पुल पर बहुत सा कार्य अधूरा पड़ा है। पुल पर लगने वाले गार्डर भी अभी तक नहीं लगाए जा सके हैं। गार्डर लगने के बाद ही उनके ऊपर लोहे की प्लेट लगाई जायेगी। पुल की मरम्मत कर रहे ठेकेदार महताब ने बताया कि पुल में लगने वाले सामान की आपूर्ति में देरी होने तथा वर्षा के कारण कार्य बाधित हो रहा है। बृहस्पतिवार की रात तक पुल की एक साइड की मरम्मत पूरी हो जाएगी। पुल की मरम्मत का कार्य देख रहे विभागीय मैट जमीर अहमद ने बताया कि मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। शुक्रवार तक पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
मसखरा नदी के पुल पर मरम्मत का कार्य चलने से दैनिक यात्रियों तथा स्कूली छात्रों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गंदेवड़ सहित हिमाचल एवं उत्तराखंड जाने वाले वाहन दूसरे रास्तो से होकर गुजर रहे हैं। क्षेत्र से बाहर जाने वाला गन्ना भी गन्ना क्रय केंद्रों पर ज्यो का त्यों पड़ा है। बस यूनियन के प्रवक्ता यूसुफ कुरैशी तथा यमुना खादर कल्याण समिति के अध्यक्ष ओमी पंवार तथा सचिव सुमेर चंद कपिल ने लोक निर्माण विभाग से पुल की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।