सहारनपुर। कहने को सहारनपुर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हो चुका है। मगर नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग शहर को साफ रखने के लिए स्मार्ट नहीं बन सका है। सुस्त कार्यप्रणाली के चलते नगर निगम की टीमें दोपहर दो बजे तक शहर से कचरे का उठान करती हैं। इतना ही नहीं, कुछ जगहों से तीसरे दिन कचरा उठाया जाता है। इसकी वजह से शहर में दो बजे तक गंदगी के ढेर रहते हैं। शहर मुश्किल से छह घंटे ही साफ रह पाता है, जबकि 18 घंटे कचरा लोगों के नाक में दम करके रखता है।
नगर निगम के पास करीब एक हजार सफाईकर्मी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सिनेट्री इंस्पेक्टर्स की टीम तथा कचरा उठाने के लिए तमाम तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद नगर निगम अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं कर पा रहा है। स्मार्ट सिटी में चयन के बाद भी नगर निगम पुराने ढर्रे पर ही काम कर रहा है। सफाईकर्मी सुबह ठीक समय पर अपना काम कर जाते हैं, मगर कचरे का उठान दोपहर दो बजे तक होने की वजह से आधे दिन तक कचरे के ढेर शहर में लगे रहते हैं। दो बजे कचरे का उठान होने के बाद शहर रात आठ बजे तक ही साफ रह पाता है। जिसके बाद फिर से सब्जी और फल विक्रेता तथा अन्य दुकानदार कचरा सड़कों पर छोड़ जाते हैं। यानी 24 घंटे में मुश्किल से छह घंटे ही साफ रह पाता है। कोर्ट रोड के व्यापारी राजीव शर्मा, पंकज और मोंटी का कहना है कि कचरे का उठान सुबह दस बजे तक हो जाना चाहिए।
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यहां लगते हैं कचरे के ढेर
शहर में कोर्ट रोड पुल के नीचे, रीडर्स पैराडाइज के सामने, पुल चौकी सराय, पुल जामा मस्जिद, पुल दालमंडी, पुल खुमारान, मंडी समिति रोड, बेरीबाग, कंपनी बाग के नवाबगंज चौक गेट के बराबर में, बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज के सामने, मुन्नालाल गर्ल्स पीजी कॉलेज के सामने, दिल्ली रोड पर सब्जी मंडी की बगल समेत अनेक जगहों पर कचरा डालने के प्वाइंट बनाए हुए हैं।
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नौ साल बाद भी कचरा प्रबंधन के लिए जमीन नहीं
सहारनपुर को नगर निगम बने करीब नौ वर्ष बीत चुके हैं। मगर नगर निगम आज तक कचरा प्रबंधन के लिए जमीन तक तलाश नहीं कर सका है। ऐसे में नगर निगम कचरे को शहर से उठाकर बाहर खुले में डाल रहा है। इन दिनों बेहट रोड पर देहात कोतवाली की जमीन पर बने गड्ढे को कचरे से भरने का काम किया जा रहा है। कई जगह पर जमीनें देखी गईं, मगर अभी तक फाइनल नहीं हो सकी हैं।
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शहर को साफ रखने के लिए हमारे पास जितनी भी मैन पावर और उपकरण हैं। हम उनका शत प्रतिशत उपयोग कर रहे हैं। ज्यादातर जगहों से दोपहर दो बजे तक कचरा उठा लिया जाता है। मगर कुछ जगह ऐसी हैं, जहां से तीसरे दिन कचरे का उठान होता है। स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से कोई कसर शहर को साफ रखने में नहीं छोड़ रहा है।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।