खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायत बनाने को अलर्ट हुआ सरकारी तंत्र
सहारनपुर। खनन बंद होने की वजह से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को झटका लगने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। अब हर माह 100 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने की तैयारी की गई है। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। अक्टूबर 2018 तक पूरे जनपद को ओडीएफ बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाए जाने का कार्य पिछले साढ़े तीन वर्षों से चल रहा है। अक्टूबर 2018 तक 887 गांवों को खुले में शौच बनाकर जनपद को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य है। लेकिन जिला पंचायत राज विभाग साढ़े तीन साले में 230 गांवों को ही खुले में शौच से मुक्त कर पाया है, जिन गांवों में शौचालय बनाए गए हैं, वहां भी तमाम खामियां मिल चुकी है। खनन पर एनजीटी की रोक होने की वजह से स्वच्छ भारत मिशन पूरी तरह प्रभावित रहा है। कई माह से शौचालय बनाने का कार्य बंद पड़ा है। ऐसे में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिकारियों के पसीने छूटने लगे हैं। क्योंकि, दस माह में 657 गांवों में डेढ़ लाख शौचालय बनाए जाने हैं और दूसरी तरफ खनन बंद है। मगर, अब खनन परिवहन होने के चलते काम शुरू करने की रणनीति तैयार की गई है। जिला पंचायत राज विभाग ने हर माह 100 गांवों को ओडीएफ बनाने की रणनीति बनाई है। इसके साथ गणतंत्र दिवस से पूर्व 100 गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाकर उनकी घोषणा की जाएगी। डीपीआरओ सतीश कुमार कहना है कि खनन बंद होने की वजह से दिक्कत आ रही है। लेकिन विभाग जून माह में ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा, जिन ग्रामों को ओडीएफ घोषित किया जाएगा, उनमें जागरूकता के लिए ग्राम गौरव यात्रा निकाली जाएगी। ताकि ग्रामीण जंगल में शौच ना जाए। शौचालय बनाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन में लगी टीमों को अलर्ट किया गया है। ग्राम प्रधानों का भी सहयोग लिया जा रहा है।