पेशवाओं पर बहुजनों की जीत पर मनाया शौर्य दिवस
सहारनपुर। महाराष्ट्र के पूना में बहुजनों और पेशवाओं के बीच हुए संघर्ष में बहुजनों की जीत के दो सौ वर्ष पूरा होने पर बहुजन मुक्ति पार्टी और भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शौर्य दिवस मनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनुवादी सोच के लोग बहुजन महापुरुषों केे इतिहास को समाप्त करना चाहते हैं।
सोमवार को डॉ. अंबेडकर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष अमरीश चौटाला ने कहा कि एक जनवरी 1818 को महाराष्ट्र के भीमा कोरे गांव में हुए संघर्ष में बहुजनों ने पेशवाओं की फौज को हराकर विजय हासिल की थी। उनकी जीत के दो सौ वर्ष पूरा होने पर शौर्य दिवस मनाया जा रहा है। अध्यक्षता इंतखाब आजाद और संचालन कृष्ण कुमार ने किया। सुमित कटारिया, राजू कटारिया, सुरेश प्रधान, लोकेंद्र कुमार, अनुज, पवन कुमार, मोनू कुमार, राहुल कुमार, लोकेश कुुमार, दिव्य प्रकाश, अमन कुमार, सुनहेरा सिंह बौद्घ, मीना चौधरी आदि रहे।
उधर, भारत मुक्ति मोर्चा के दिल्ली रोड स्थित कार्यालय पर भी शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। प्रदेश सचिव चंद्र किरण ने कहा कि आज भीमा कोरे गांव में हुए संघर्ष के दो सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसमें देश के 500 मूल निवासियों ने पेशवाओं की 28 हजार की फौज को धूल चटा दी थी। पेशवाओं ने बहुजनों का जीना दुश्वार कर रखा था। प्रदेश महासचिव इंतखाब आजाद, आदि ने भी विचार रखे। मानेंद्र सिंह, कृष्णा कुमार, आदित्य कुमार, अंकुर कुमार, अनुज भारती, विशाल मैनवाल आदि रहे।