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रात की मुठ्ठी में सूरज का मुकद्दर कैद है

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सहारनपुर। मेला गुघाल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने देर रात तक अपने कलाम पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। शायर अलताफ जिया के कलाम ‘एक सुलगता चिखता खुरेंज मंजर कैद है, रात की मुठ्ठी में सूरज का मुकद्दर कैद है’ खूब सराहाया गया।
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अंबाला रोड स्थित सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित मुशायरे की अध्यक्षता डा. आलमीन अली सचिव अल्पसंख्यक आयोग उत्तर प्रदेश ने की। उद्घाटन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सिंह सैनी, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने किया। नकाब कुशाई भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, मुफ्ती वजाहत कासनी, कनवीनर एम. आजाद अंसारी ने की। मुशायरे की निजामत प्रख्यात शायर नदीम फारूख ने करते हुए मुशायरे का आगाज नाते पाक से करने के लिए शायर माजिद देवबंद को आवाज दी। उन्होंने नाते पाक पढ़ते हुए आगाज किया। नदीम शाद ने यू पढ़ा कि ‘तुम्हें खुशबू नहीं आहट से ही पहचान लेता हूूं मैं, हटाओ हाथ आंखों से यह तुम हो जानता हूं मैं’। इमरान रिफअत ने कहा कि ‘पतंग उड़ा कर खुली रील छोड़ता है, खुद खफा है, तू ढील छोड़ देता है’। जोहर कानपुरी ने कहा कि जिसका गुमा नहीं था वही बात हो गई, तेरी शहर-शहर न हुई रात हो गई। डा. माजिद देवबंदी, डा. कलीम कैसर ने भी शानदार कलाम पेश किए।
इस दौरान शबीना अदीब, खालिद जाहिद, इकबाल अरशद, शाइस्ता सना, असद अजमेरी एजाज अंसारी, अलताफ जिया, डा. नदीम शाद, जमील असगर, शबनम अली, अलतमश अब्बास, इमरान रिफअत, श्रीकांत, असद बस्तवी, मुजाविर, नदीम अनवार, एसएम वासिल, हाजी मरगूब, राघेश्याम रोहिला, विजय माहेश्वरी, अनीस सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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