सहारनपुर। जिले में बहुत सी समस्याएं हैं, मुख्य मार्गों पर गड्ढे हैं तो शहर जाम में जकड़ा रहता है। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। हमें ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत है, जो मूल समस्याओं का निदान कराने में दिलचस्पी दिखाए। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर सड़कें, सफाई व्यवस्था आदि पर ध्यान दे।
लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही हर कोई चुनावी चर्चाओं में मशगूल है। सोमवार को अमर उजाला टीम नखासा बाजार पहुंची तो लोग चुनावी मुद्दों पर चर्चा करते नजर आए। नखासा बाजार निवासी मुकेश कहते हैं कि हमारा सांसद शिक्षित और जुझारू होना चाहिए, जो जनता को भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी से निजात दिलाए। इसी बीच मोहल्ला शाहमदार निवासी मुजक्किर बोले कि युवाओं को रोजगार दिलाने वाले सांसद की आवश्यकता है। क्योंकि सहारनपुर में युवक बेरोजगार घूम रहे हैं या फिर छह से दस हजार रुपये तक की नौकरी करने को मजबूर हैं। नखासा बाजार निवासी नदीम जैदी कहते हैं कि 20 साल से सहारनपुर अतिक्रमण और बिगड़ी यातायात व्यवस्था से जूझ रहा है। इस कारण कारोबारियों की बिक्री पर भी फर्क पड़ता है। खासकर घंटाघर का हाल सबसे ज्यादा खराब है।
मोहल्ला टोपिया सराय निवासी अताउर्रहमान कहते हैं कि धर्म-जाति से ऊपर उठकर विकास कराने वाले सांसद की आवश्यकता है, जो बिना किसी भेदभाव के विकास कराए।
न्यू प्रतापनगर निवासी रिजवान और छोटा इमाम बाड़ा निवासी तंजीम जैदी कहते हैं कि डेढ़ वर्ष पूर्व सहारनपुर को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया था, लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हुआ।
नखासा बाजार निवासी अब्दुल रज्जाक, मो. कादिर और शाहरून कहते हैं कि शिक्षा, सफाई और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराने वाला सांसद होना चाहिए। सहारनपुर में मेडिकल कॉलेज है, लेकिन गंभीर हालत में मरीज को उपचार नहीं मिलता और रेफर कर दिया जाता है। जनता की परेशानियों और उनके दुख दर्द को समझने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत है।