कुरान हिफ्ज करने वाले 25 छात्रों की दस्तारबंदी
गंगोह। सोमवार रात मदरसा जामिया रशीदिया में जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। मुफ्ती मोहम्मद रइस ने कहा कि कुरान हिफ्ज करना, पढ़ना, पढ़ाना सबसे बड़ा सवाब है। इस दौरान कुरान हिफ्ज करने वाले 25 छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
जलसे का आरंभ नात-ए-पाक और तिलावत-ए-कुरान पढ़ कर किया गया। मुफ्ती मोहम्मद रईस ने कहा कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नही कर सकती। उन्होंने कहा कि कुरान अल्लाह का कलाम है, जिसमें हर मसले का हल मौजूद है। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने और इसकी तिलावत करने को सबसे बड़ा सवाब बताया। कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमान दीनी तालीम से हट गया है। इससे वह दुनिया में परेशान होने के साथ ही अपनी आखिरत भी खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसे दीन के सतून हैं। इनकी हिफाजत करना हर मुसलमान का फर्ज है।
मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने मुसलमानों से अपील की कि वे अच्छे अखलाक पेशकर अपना मजहबी फर्ज अदा करें। उलमा ने मुसलमानों से सूदखोरी और नशाखोरी जैसी गंभीर बुराइयों से बचने की अपील भी की। समापन से पूर्व मुल्क एवं कौम की सलामती के लिए दुआ कराई गई। सदारत मौलाना मोहम्मद सलमान गंगोही एवं निजामत मुफ्ती वली मोहम्मद ने की। मदरसे के मोहतमिम कारी मोहम्मद अकरम, हाफिज मोहम्मद अरहम, मौलवी मोहम्मद यूशा, महताब आलम, शादाब जहां आदि ने भी संबोधित किया। बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।