सहारनपुर। उपकृषि निदेशक राकेश बाबू ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जनपद के लघु/सीमांत कृषकों को लाभान्वित किया जाना है, यदि गलत जानकारी दी जाती है, तो धनराशि वापस ले ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के लिए लघु एवं सीमांत किसानों का सर्वे दो चरणों में कराया जा रहा है। प्रथम चरण में कृषि विभाग के पोर्टल पंजीकृत कृषकों का राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन करने के उपरांत पोर्टल पर फीडिंग की जाएगी। द्वितीय चरण में उन कृषकों को सम्मिलित किया जाना है, जो कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है, परन्तु राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज हैं। योजना के अंतर्गत ऐसे कृषक पात्र नहीं होंगे, जो भूतपूर्व एवं वर्तमान में संवैधानिक पद पर हैं। इनमें सांसद, विधायक, पूर्व अथवा वर्तमान नगरपालिका के चेयरमैन, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा बीते साल आयकर का भुगतान करने वाले, मासिक 10 हजार रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वालों के अलावा डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट आदि को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में सम्मिलित होने के पात्र कृषक अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर व भूमि संबंधी विवरण अपने ग्राम के लेखपाल को उपलब्ध करा दें। कृषक को घोषणा-पत्र भी देना होगा, यदि घोषणापत्र में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो योजना के अंतर्गत दी जाने वाली धनराशि भू-राजस्व की भांति कृषक से वसूल कर ली जाएगी।