गंगोह (सहारनपुर)। कोतवाली अंतर्गत एक गांव की किशोरी के परिजनों ने कोतवाली में पड़ोसी गांव के दूसरे संप्रदाय के एक युवक के खिलाफ अपनी बेटी को बहका फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। वही, किशोरी ने दिल्ली स्थित एक एनजीओ का दरवाजा खटखटाकर स्वयं को बालिग बताते हुए परिजनों पर ही उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
बता दें कि कोतवाली अंतर्गत एक गांव निवासी किशोरी चार फरवरी को लापता हो गई थी। परिजनों ने पड़ोसी गांव के दूसरे संप्रदाय के एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो अलग अलग संप्रदाय का मसला होने के चलते कोतवाली पुलिस ने किशोरी की तलाश भी की। कोतवाल अरुण कुमार सिंह के अनुसार दिल्ली की महिलाओं के हित की लड़ाई करने वाली एक एनजीओ संचालिका ने उनके मोबाइल पर सूचना दी कि जिस किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायत परिजनों द्वारा की गई है। वह झूठे तथ्यों पर आधारित है। किशोरी बालिग है और उसे कोई भगा कर नहीं लाया, बल्कि वह स्वयं अपने मां बाप के उत्पीड़न के चलते स्वेच्छा से दिल्ली आई है। इतना ही नहीं किशोरी ने अपने मां बाप के खिलाफ ही जबरन उसकी इच्छा के खिलाफ अन्यत्र उसकी शादी कराने की शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की तलाश रोकते हुए संबंधित एनजीओ से संपर्क साधते हुए अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।