गोपालदास नीरज स्मृति सम्मान से नवाजे गए नवाज
सहारनपुर। प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज के नाम से पहला गोपालदास नीरज स्मृति सम्मान 2018 मशहूर उर्दू शायर डाक्टर नवाज देवबंदी को दिया गया। डाक्टर नवाज देवबंदी ने कहा कि इटावा हिंदी सेवा निधि ने हिंदी कविताओं के हिमालय के नाम से उर्दू के विद्यार्थी को सम्मान देकर हिंदू और उर्र्दूू के बीच पुल बनाने का काम किया है, जो समाज को भाईचारे का संदेश देता है।
यह कार्यक्रम इटावा के इस्लामिया इंटर कॉलेज में हुआ, जिसके संयोजक हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता रहे। इटावा हिंदी सेवा निधि के 26 वें सरस्वती सम्मान समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी रहीं और समारोह के अध्यक्ष न्यायाधीश गोविंद माथुर रहे। डॉक्टर नवाज देवबंदी को उनकी साहित्यिक एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए पहले गोपाल दास नीरज स्मृति सम्मान 2018 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित, वरिष्ठ न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल और केंद्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष डाक्टर रामशंकर कटारिया रहे। मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी ने शायरों और कवियों के सम्मान और उत्साहवर्धन को अनुकरणीय परंपरा बताया।
उधर, डाक्टर नवाज देवबंदी का कहना है कि इटावा हिंदी सेवा निधि ने हिंदी कविताओं के हिमालय प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज की स्मृति में उर्र्दू के विद्यार्थी को सम्मान देकर न केवल गौरव बढ़ाया है, बल्कि हिन्दी- उर्दू तहजीब के जरिये समाज को जोड़ने के लिए प्रेम का पुल बनाने का कार्य किया है। साहित्यिक मंच से समाज को सौहार्द का संदेश दिया है।
मिल चुके हैं बहुत से सम्मान
डाक्टर नवाज देवबंदी को इससे पूर्व भी कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्होंने उर्दू शायरी के साथ ही बालिकाओं की शिक्षा में अहम योगदान दिया है। वह उर्दू अकादमी के दो साल तक चेयरमैन भी रहे हैं। इसके साथ ही यश भारती, जेपी विवि द्वारा गजलश्री अवार्ड, मेरठ से दुष्यंत अवार्ड, रोटरी इंटरनेशनल द्वारा मिलेनियम अवार्ड, साहित्यिक रत्न सम्मान, फिराक अवार्ड, साधूराम आरजू अवार्ड और विश्व प्रसिद्ध शायर कैफी आजमी अवार्ड भी मिल चुका है।
-- जगजीत सिंह ने दी उनकी गजल को आवाज
मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह ने डाक्टर नवाज देवबंदी की कई गजलों को अपनी आवाज दी। उनकी गजल तेरे आने की जब खबर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके को लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा भी कई गायक डाक्टर नवाज देवबंदी की गजलों को आवाज दे चुके हैं। इतना ही नहीं
फिल्म इश्किया में डाक्टर नवाज देवबंदी ने बतौर शायर भी कार्य किया। इसके अलावा 30 से ज्यादा देशों में आयोजित मुशायरों में अपनी गजल का जादू बिखेर चुके हैं।