बेहट (सहारनपुर)। संभावित बाढ़ के खतरे से बेपरवाह खनन माफिया अपने निजी स्वार्थ के लिए यमुना नदी में धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं। बरसात के दिनों में नदियों में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध और एनजीटी की पहले से ही रोक के बावजूद हथनीकुंड बैराज से चंद किमी की दूरी पर थाना मिर्जापुर क्षेत्र के कड़ाईवाला घाट पर अवैध खनन किया जा रहा है।
रविवार को अमर उजाला की टीम मिर्जापुर क्षेत्र के कड़ाईवाला घाट पर पहुंची तो यहां खुलेआम खनन हो रहा था। खनन माफिया जेसीबी एवं पार्कलैंड मशीनों से यमुना नदी में अवैध खनन कर रहे है। यमुना की कोख खाली करते हुए यहां गहरे गड्ढे बनाए जा रहे हैं। जो एक बड़ी दुर्घटना को भी न्यौता दे रहे हैं। बता दें कि जनपद सहारनपुर में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। बरसात में सरकार ने भी सूबे में खनन पर सख्ती के साथ रोक लगाई हुई है। बावजूद इसके खनन माफिया बाज नहीं आ रहे है। ग्रामीण खनन की शिकायतें भी कर रहे हैं, लेकिन विभाग जैसे की सोया हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी के साथ खान विभाग और स्थानीय थाना पुलिस भी खनन पर चुप्पी साधे हुए है। खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना भी ग्रामीणों के बीच चर्चा का कारण बना हुआ है। उधर एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा का कहना है कि वे मामले की जांच करा रहे हैं। यदि यमुना में मशीनें चलती पाई गई तो प्रभावी कार्रवाई होगी।
पिछले साल प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी आंखों देखी थी अवैध खनन की हकीकत
बेहट। यमुना नदी में एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध खनन का खेल खुद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही देख चुके है। प्रभारी मंत्री पिछले खुद यमुना नदी में गए थे और वहां पर अवैध खनन एवं खनिज भरकर जाते हुए वाहनों को उन्होंने खुद पकड़ा था। इस मामले में बेहट कोतवाली के कई पुलिसकर्मियों पर गाज भी गिरी थी, लेकिन बड़े पुलिस की एक तत्कालीन सर्किल अधिकारी एवं तहसील के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई न होने से अवैध खनन का यह खेल अभी तक जारी है।