सहारनपुर। हिंदुस्तान और सऊदी अरब में अर्से बाद रमजान के चांद का दीदार एक साथ हुआ है। इसके साथ ही तरावीह भी एक साथ शुरू हुई है। करीब 35 साल बाद यह संयोग बना है। मुस्लिम समाज में खुशी की लहर है।
रमजान का पाक महीना बुधवार की रात चांद दिखने के साथ शुरू हो गया। इस महीनें को बरकतों का महीना माना जाता है। मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखने के साथ खुदा की इबादत करते हैं। मगर, इस बार रमजान माह मुस्लिम समाज के लिए बेहद खास है। क्योंकि, हिंदुस्तान, सऊदी अरब और अन्य देशों में रमजान के चांद का दीदार एक साथ हुआ है। सऊदी अरब और हिंदुस्तान के महाराष्ट्र, चेन्नई, कश्मीर में चांद एक साथ दिखाई दिया। चांद दिखने के साथ ही रमजान की शुरूआत हो गई और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। यह संयोग करीब 35 साल बाद बना है। मुस्लिम समाज के विद्वान बताते हैं अर्से बाद सऊदी और हिंदुस्तान में रमजान का चांद एक साथ नजर आया है। हर वर्ष दोनों जगहों पर रमजान महीने में एक दिन का अंतर रहता था।
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करीब 35 साल बाद हिंदुस्तान और सऊदी अरब में एक साथ चांद दिखने पर एक साथ रोजे और तरावीह शुरू हुई हैं। इसको लेकर मुस्लिम समाज में काफी खुशी है। अर्से बाद यह संयोग बना है।----काजी नदीम अख्तर, नायब शहरकाजी
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इससे पहले का तो उन्हें याद नहीं। लेकिन उनकी होश में पहली बार सऊदी अरब और हिंदुस्तान में एक साथ रमजान शुरू हुए हैं। दोनों जगहों पर चांद एक साथ दिखाई दिया। हर वर्ष दोनों देशों में एक दिन का अंतर रहता था।---------मौलवी फरीद, जामा मस्जिद के प्रबंधक