सहारनपुर। प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम का अब मूल्यांकन होगा। एसएसपी से लेकर अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी अब थानों की तरफ रुख करेंगे। आकस्मिक निरीक्षण करने के साथ वह यह भी जानेंगे कि पुलिस कार्रवाई का धरातल पर कितना असर पड़ा है। पीड़ितों को कुछ राहत मिली है या नहीं। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अब प्रदेश भर में आला अधिकारी थानों की दशा और दिशा सुधारने का प्रयास करेंगे।
योगी सरकार में अपराधियों की फौज पर पुलिस भारी रही है। आंकड़ों के मुताबिक 1500 के करीब मुठभेड़ में साढ़े तीन हजार के करीब बदमाश पकडे़ गए, जबकि पौने चार सौ के करीब बदमाश को गोली का जवाब गोली से देकर घायल किया गया। अब तक 57 के करीब बदमाश पुलिस की गोलियों से छलनी होकर परलोक सिधार गए। बावजूद इसके कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार निशाने पर है। उन्नाव कांड में भाजपा विधायक की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के हमलों में तेजी आई है। हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर पुलिस की मनमानी पर कड़ी नाराजगी जताई है। सूत्रों के मुताबिक एसएसपी, डीआईजी, आईजी और एडीजी को हिदायत दी गई है कि वह आफिसों से बाहर आकर धरातल पर अपनी सक्रियता बढ़ाए। थानों, पुलिस चौकियों, राज्यों की सीमाओं और चेकिंग प्वाइंट का आकस्मिक निरीक्षण करने के साथ यह सुनिश्चित करेंगे कि थाने आने वाले हर पीड़ित के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। सूत्रों के अनुसार आला अधिकारी जनता के बीच पैंठ बढ़ाकर यह भांपने का प्रयास करेंगे कि गांव-गली तक सुरक्षा की भावना में कितना इजाफा हुआ हैं। बाकायदा इसकी गोपनीय रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक आफिस को जाएगी। मुख्यमंत्री की नसीहत का कितना असर पड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त की बताएगा, मगर आने वाले दिनो में पुलिस अधिकारी थानों की तरफ दौड़ लगाते जरूर नजर आएंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस अधिकारी अब थानों का आकस्मिक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि आम जनता के साथ पुलिस अच्छा व्यवहार करे। जन शिकायतों का समयावधि में निस्तारण करने के साथ जनता का विश्वास पाने को सोशल पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सही व्यवहार न करने वाले थानदारों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- शरद सचान, पुलिस उप महानिरीक्षक।