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बिडवी शुगर मिल को आगामी सत्र से चलाने की तैयारी शुरू

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बिडवी शुगर मिल को आगामी सत्र से चलाने की तैयारी शुरू
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सहारनपुर। गन्ना सप्लाई करने के लिए जूझ रहे जिले के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि बिडवी शुगर मिल को आगामी पेराई सत्र से चलाने की तैयारी हो गई है। इसका सीधा लाभ 130 गांवों के करीब 35 हजार किसानों को होगा। मिल ने गन्ना विकास पर जोर देते हुए क्षेत्र के किसानों के यहां अभी तक 1300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की अगेती प्रजातियों की बुआई की जा चुकी है जबकि मिल ने 5500 हेक्टेयर में गन्ना बुआई का लक्ष्य रखा है। मिल की रिपेयरिंग का कार्य भी अभी से शुरू कर दिया गया है।
बिडवी शुगर मिल को चलवाने के लिए किसानों के संघर्ष और गन्ना विभाग के प्रयासों का रिजल्ट सामने आ गया है। इसके चलते वर्ष 2013 के फरवरी माह से बंद पड़ी मिल को आगामी पेराई सत्र से संचालित कराने के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। 2500 मीट्रिक टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इस मिल के चलने से क्षेत्र के 130 गांवों के करीब 35 हजार किसानों को फायदा होगा। इस क्षेत्र के किसान अभी तक शेरमऊ और सरसावा मिलों को गन्ना सप्लाई कर रहे हैं। जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है।
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मिल क्षेत्र में गन्ने की अच्छी क्वालिटी की प्रजातियों की बुआई शुरू करा दी गई है। अभी तक 1300 हेक्टेयर में अगेती प्रजाति की बुआई की जा चुकी है। जबकि लक्ष्य 5500 हैक्टेयर में बुआई करने का है। मिल की रिपेयरिंग का काम भी शुरू करा दिया गया है।
--जेएम गुप्ता, प्रधान प्रबंधक बिडवी शुगर मिल।
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बिडवी शुगर मिल के आगामी सीजन से चलने से जिले के गन्ना किसानों को काफी राहत मिलेगी। उत्पादन और क्षेत्रफल अधिक होने से इस बार किसानों को गन्ना सप्लाई करने में कुछ परेशानी हो रही है। इस बार भी गन्ने का क्षेत्रफल 92 हजार से बढकर करीब एक लाख हेक्टेयर हो जाने की उम्मीद है। ऐसे में बिडवी मिल के चलने से आगामी सीजन में किसानों को गन्ना सप्लाई करने में राहत मिल सकेगी।
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-डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
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मिल के चलने से क्षेत्र के 130 गांवों के किसानों को गन्ना सप्लाई करने में राहत मिलेगी। इस मिल के बंद होने से इस क्षेत्र के किसानों केे शेरमऊ और सरसावा आदि मिलों में गन्ना सप्लाई करना पड़ रहा है। किसानों ने आंदोलन कर बंद पड़ी मिल को दोबारा चलवाने में सफलता हासिल की है।
-- बिटटू नंबरदार, अध्यक्ष किसान हित एवं गौ सेवा समिति।
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