सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि अधिकारियों को जनता से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए समयबद्ध निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी शिकायत को प्रथम दृष्टया निरस्त नहीं किया जाना चाहिए।
मंगलवार को तहसील सदर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस पर अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के वेतन से कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की जिला स्तरीय मॉनीटरिंग कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 मार्च तक लक्ष्य के सापेक्ष कार्य पूर्ण कर लें। अतिक्रमण की शिकायत आने पर उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि कलक्ट्रेट से हसनपुर चौराहे तक अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाए। जिलाधिकारी के निर्देश पर्रर निगम के अतिक्रमण हटाओ दल ने तत्काल रेहड़ी, दुकान के बाहर जो अतिक्रमण करने वालें 11 दुकानदारों पर जुर्माना भी किया।
संपूर्ण समाधान दिवस में आये रामलाल शर्मा ने शिकायत की कि रामनगर से शेखपुरा तक नाला टूटा है। इस पर जिलाधिकारी ने विकास प्राधिकरण को मामले की जांच करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट से मुझे अवगत कराएं। रमेशचन्द्र ग्राम घालामाजरा ने बताया कि भूमाफिया ने मेरे साथ मारपीट की है। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा। उन्होंने गागलहेड़ी थाना जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस पर 27 शिकायतें प्राप्त हुईं जिनमें नगर निगम की 6, राजस्व विभाग की 4, विद्युत विभाग की 4, विकास विभाग की 3, पुलिस विभाग की 3, शिक्षा विभाग, सहारनपुर विकास प्राधिकरण, मंडी परिषद तथा नलकूप विभाग की एक-एक शिकायत प्राप्त हुई। खाद्य आपूर्ति विभाग की 3 में से एक 1 शिकायत का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। नगरायुक्त गौरव वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी बीएस सोढ़ी, एसडीएम सदर संगीता, परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव आदि मौजूद रहे।