फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित होने से सियासी तस्वीर साफ

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। बढ़ रही सर्दी में प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद सियासत गर्माने लगी है। लगभग सभी निकायों में प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद अब सियासी तस्वीर साफ होने लगी है। सभी दावेदारों ने समर्थकों के अलावा मतदाताओं के बीच भी सक्रिय होना शुरू कर दिया है। मतदाताओं को रिझाने के लिए अब प्रत्याशी अपनी ताकत झोंकने लगे हैं। हालांकि अब तक नामांकन नहीं होने के चलते प्रत्याशी महज मतदाताओं का मूड भांपने में जुटे हैं।
विज्ञापन

निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच अब प्रत्याशी मतदाताओं के बीच पहुंचने लगे हैं। शहर से लेकर देेहात इलाके में अब मतदाताओं को रिझाने के लिए लगातार कोशिश जारी है। सबसे अहम बात यह है कि इस निकाय चुनाव के जरिए राजनीतिक दल अपनी जमीनी ताकत को भी भांपना चाहती है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों का चयन भी मतदाताओं को रिझाने के लिए हिसाब से तय किया है। कांग्रेस, सपा और बसपा अपने बेस वोट के साथ मुस्लिमों केे अपने पाले में करने की योजना बना रही है। यही कारण है कि सपा, कांग्रेस और बसपा ने 11 निकायों में ज्यादातर पर मुस्लिम चेहरों को तरजीह दी है। दूसरी तरफ भाजपा किसी सूरत में हिंदू मतों का बिखराव नहीं चाहेगा। हालांकि अब तक सामान्य से लग रहे माहौल में अंदरखाने मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए जुट गए हैं। यहां बता दें कि सहारनपुर नगर निगम में पहली बार चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में महापौर चुनाव पर ज्यादा लोगों की निगाहें टिकी हैं। फिलहाल नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनावी माहौल अपने चरम पर पहुंचेगा। मगर, चुनावी सरगर्मी बढ़ने से अब राजनीतिक दल सक्रिय होने लगे हैं।

ध्रुवीकरण रोकना प्रशासन के लिए चुनौती
सड़क दूधली और जातिय हिंसा का दंश झेल चुके सहारनपुर में मतों के ध्रुवीकरण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक दल भी उन मुद्दों को हवा देकर मतदाताओं को अपने पाले में करना चाहेंगे। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने मतों के ध्रुवीकरण को रोकना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि प्रशासन के पास अब तक इसके लिए कोई कार्ययोजना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें