सहारनपुर। दो दिन रेलवे यातायात अवरुद्ध रहने के बाद शनिवार की आधी रात के बाद से ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया है। लगभग 30 ट्रेनें सहारनपुर रेलवे स्टेशन से होकर गुजरीं। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार रहे यात्री ट्रेनों के आते ही रात में ही गंतव्य के लिए रवाना हो गए। यात्रियों के रवाना होने के बाद रेलवे प्रशासन ने चैन की सांस ली।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के गिरफ्तार होने के चलते पंजाब और हरियाणा में भड़की हिंसा के बाद सहारनपुर से होकर गुजरने वालीं 60 से अधिक ट्रेनों के पहिए थम गए थे। इनमें से अधिकांश ट्रेनों को शनिवार की आधी रात से शुरू करा दिया गया है। शनिवार की आधी रात के बाद से सहारनपुर में ट्रेनें पहुंचनी शुरू हो गईं। शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक सहारनपुर में 2338 बेगुमपुर, 3152 सियालदाह, 4010 हेमकुंड, 4522 इंटरसिटी, 2231 सद्भावना और 3005 हावड़ा मेल समेत कई ट्रेनें गुजरीं। सुबह तक पूरा स्टेशन खाली हो गया। रात तक रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही, लेकिन रविवार की सुबह तक रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छा गया। ट्रेनों का संचालन शुरू होने से रेलवे यात्रियों को राहत मिली। सहारनपुर रेलवे स्टेशन के अपर स्टेशन अधीक्षक अनिल त्यागी ने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। रेलवे स्टेशन पर रुके सभी यात्री रवाना हो चुके हैं। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। सोमवार तक सभी ट्रेनों का संचालन सुचारु होने की संभावना है।
- कई ट्रेनें रास्ते में ही अटकीं
शालीमार, सुपर समेत कई ट्रेनों की बोगियां रास्ते में रुक जाने के चलते समय पर अपने निर्धारित स्थान पर समय से नहीं पहुंच सके। जिस कारण इन ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। 4682 सुपर, 4646 शालीमार, 5209 जनसेवा, 2357 अकालतख्त, 5011 सद्भावना, 54541 मेरठ-अंबाला पैसेंजर का अभी संचालन शुरू नहीं हुआ।
- ट्रेन आते ही मच गई भगदड़
रात में जैसे ही बेगमपुर, सियालदाह, हेमकुंड, इंटरसिटी, सद्भावना, हावड़ा मेल समेत अन्य ट्रेनें सहारनपुर स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन पर दो दिन से ट्रेनों के इंतजार में बैठे लोग टूट पड़े। रेलवे स्टेशन पर रात में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर जीआरपी, आरपीएफ एवं आरआरएफ ने स्थिति को संभाला।
- दो दिन में मात्र 15 हजार बिके टिकट
दो दिन ट्रेनों का संचालन बाधित होने के चलते रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सहारनपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य टिकट पर्यवेक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां लगभग 25 हजार टिकटों की बिक्री होती थी। वहीं, दो दिन में मात्र 14-15 हजार टिकट ही बिक सके।