सहारनपुर। पार्षद के पति को ब्रेन हेमरेज होने पर परिजन 108 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते रहे, मगर एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद उन्हें प्राइवेट एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। 108 एंबुलेंस नहीं आने से नाराज पार्षदों ने इमरजेंसी पहुंचकर हंगामा किया। महापौर भी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने पार्षदों को समझाया। पार्षद पति की हालत नाजुक होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें देहरादून में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने रविवार सुबह दम तोड़ दिया।
नगर निगम के वार्ड संख्या 49 की पार्षद जमा परवीन के पति लईक सिद्दीकी को शनिवार रात अचानक से ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस पर कॉल की। सूचना मिलते ही अन्य पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि कई बार कॉल करने पर भी 108 एंबुलेंस करीब आधा घंटे तक नहीं पहुंची। ऐसे में उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस से लईक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया। कुछ ही देर बाद अन्य पार्षद भी अस्पताल पहुंच गए, जिन्होंने एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण हंगामा किया।
सूचना मिलते ही महापौर संजीव वालिया भी अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर रहे पार्षदों को समझाया। उधर, जांच करने के बाद डॉक्टरों ने लईक को रेफर कर दिया। परिजन रात में ही उन्हें जौली ग्रांट देहरादून लेकर पहुंचे, जहां रविवार की सुबह लईक सिद्दीकी ने दम तोड़ दिया। पार्षदों का कहना है कि 108 एंबुलेंस के इंतजार के कारण मरीज को डॉक्टर के पास ले जाने में देरी हुई। यदि एंबुलेंस पहुंच गई होती तो शायद लईक की जान बच जाती।
108 एंबुलेंस के नहीं पहुंचने की कोई शिकायत अभी तक हमें नहीं मिली है। यदि फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची है तो यह गंभीर मामला है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई होगी।
- डॉक्टर विक्रम सिंह पुंडीर, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी।