साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। चीनी मिल को चलाने की मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन के सातवें एवं आमरण अनशन के दूसरे दिन तीन किसानों की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी बेहट के आमरण अनशन खत्म करने की बात को किसानों ने ठुकरा दिया।
पिछले एक सप्ताह से शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने को लेकर किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल की जा रही है। जबकि दो दिन से किसान चमेल सिंह सैनी, हाजी खुर्शीद, पद्मप्रकाश शर्मा, बिरमपाल काम्बोज, चौ. मुकर्रम, वीरेंद्र बेदी व दर्शनलाल आमरण अनशन कर रहे हैं। इनमें से शुक्रवार को पद्म प्रकाश शर्मा, बिरमपाल काम्बोज व दर्शनलाल की तबीयत बिगड़ गयी। सुबह नौ बजे जिला चिकित्सालय से डा. जी रहमान ने टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंच कर आमरण अनशन पर बैठे सातों किसानों का वजन, बीपी, पेशाब एवं स्वास्थ्य की जांच की। टीम प्रभारी डा. जी रहमान ने बताया कि मनुष्य यदि कुछ भी नही खाता है तो शुरू में उसके वजन में कमी आती है, जो अनशन पर बैठे तीन किसानों में ज्यादा दिख रही है। इनमें दर्शनलाल की हालत ज्यादा खराब है। उन्हें अधिक समय भूखा रखना खतरे से खाली नहीं होगा। टीम में उनके साथ डा. रामपाल जायसवाल, ठा. विश्वकर्मा, अमित गुप्ता आदि मौजूद रहे।
दोपहर लगभग एक बजे उपजिलाधिकारी बेहट एसएन शर्मा व जिला गन्ना अधिकारी कृष्णमोहन मनी त्रिपाठी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे जीवन हित में मानवीयता के नाते आमरण अनशन को समाप्त कर दें। प्रशासनिक स्तर से लगातार प्रयास जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रतिदिन डीएम से किसानों की समस्या समाधान के लिए वार्ता करते हैं तथा धरने की भी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पूरा प्रशासन किसानों के साथ है। 20 नवंबर तक मिल प्रबंधन से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
इस पर किसान चौ. ताहिर हसन, बुद्ध सिंह प्रधान, चौ. हाशिम, मैनपाल सिंह, अवनीश काम्बोज, वीरेंद्र सिंह, जगदीश प्रसाद, प्रधान सतपाल राठी, राजेश पंवार सहित आमरण अनशन पर बैठे सभी किसानों ने आर पार की लड़ाई का एलान करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पांच बार वार्ता करने का अब से पहले समय दिया जा चुका है। लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब जब तक मिल चालू कराने की तिथि तय नहीं की जाती, वे अनशन से नहीं हटेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें अपने प्राणों की आहुति ही क्यों न देनी पडे़। उन्होंने कहा कि यदि 31 अक्तूबर तक कोई निर्णय प्रशासन द्वारा नहीं लिया जाता तो एक नवंबर को क्षेत्र के 356 गांवों के किसान ट्रैक्टर ट्राली सहित जिला मुख्यालय का घेराव कर आत्मदाह करेंगे। भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नोटियाल व जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर किसानों के धरने को समर्थन दिया।