विरोध के बीच दिलाया बाईपास निर्माण के लिए कब्जा
सरसावा। ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कब्जा दिला दिया। इस दौरान किसानों की अधिकारियों के साथ जमकर नोकझोंक भी हुई।
बुधवार को नकुड़ रोड पर स्थित ग्राम अहमदपुर में खेती के रकबे की कुछ जमीनों का कब्जा हटाने के लिये एसडीएम नकुड़, पुलिस तथा पीएसी को साथ लेकर पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को खेतों पर पहुंचा देख किसान भी मौके पर पहुंच गए और पैमाइश करते देख हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध जताया। एसडीएम युगराज सिंह का कहना है कि चिह्नित खसरा नंबर की जमीनें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई है। जिनकी मुआवजा राशि भी संबंधित किसानों के बैंक खातों में भेज दी गई है और किसानों ने अपने खातों से उस रुपये को निकाल भी लिया है, लेकिन किसान अब भी उन अधिग्रहीत जमीनों से कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि एनएच को बाईपास का निर्माण तय समय सीमा में पूरा करना है। एसडीएम के निर्देश के बाद एनएच की भारी मशीनों ने जैसे ही खेतों में खुदाई शुरू की, खेत मालिकों ने विरोध करते हुए काम रुकवाने का प्रयास किया। उन्होंने एसडीएम ने मांग की कि उनकी फसलों को काटने का समय दिया जाए, लेकिन तहसील प्रशासन ने फसलों पर मशीनें चलवाकर फसलों को हटाकर भूमि पर एनएच के अधिकारियों को कब्जा दिला दिया। किसान राजकुमार ने रोते हुये बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत के साथ फसल बोई थी। किसानों ने कहा कि उन्हें चक रोड के आधार पर मुआवजा दिया गया है, जबकि वास्तविकता में उनकी जमीनें सड़क किनारे हैं। उन्हें उसके अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए। जिस पर राजस्व विभाग के लेखपाल ने बताया कि किसानो की मांग सही है जिसके विषय में एसडीएम नकुड़ द्वारा समस्त कार्रवाई कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।