ईदगाह पर सुबह 8.45 बजे होगी नमाज
सहारनपुर। महानगर में ईद-उल अजहा पर ईदगाह और जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा होगी। ईदगाह में सुबह 8.45 बजे, चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद में 7.15 बजे, मस्जिद कंपनीबाग पुरानी चुंगी, सलील मस्जिद इंद्रा चौक पर 6.08 बजे, मस्जिद टोपिया सराय, मस्जिद अनारवाली खालापार में 6.10 बजे, मस्जिद सआदत अली रांघड़ो का पुल, लाल मस्जिद मोहल्ला बाजदारान, मस्जिद मरकज वाली पुल बंजारान, ऊंची मस्जिद ढोलीखाल, एक मिनारा मस्जिद मोहल्ला आली, मस्जिद हाजी दीन मुहम्मद सराय मरदान अली, मस्जिद खुमरान पुरानी चुंगी चकराता मार्ग में 6.15 बजे, मस्जिद सराय कला बड़ी सराय बाजार नखासा, मस्जिद अंदरून वाली मोहल्ला बाजदारान, मस्जिद कुतबशेर, मस्जिद टोली कलालान, मस्जिद मिसरी शाह कलंदर बख्श, मस्जिद लुहारो वाली, नई उमर मस्जिद निसार रोड रायवाला, मस्जिद इमली वाला भंवा सराय में 6.30 बजे, मस्जिद मोमिन पीर वाली में 6.45 बजे, मस्जिद मलसूमिया मदरसा मजाहिर उलूम वक्फ, उमर मस्जिद हुसैन बस्ती, मस्जिद चौक बाजदारान, मस्जिद चौकी सराय, मस्जिद ईद्दीशाह जेबीएस इंटर कॉलेज, मस्जिद तकिए वाली खानआलमपुरा, मस्जिद अताउल्लाशाह सराय मरदान अली, मस्जिद नया बांस चौक, मस्जिद हाजी बुदधू वाली चिलकाना रोड, मस्जिद अली पुराना चिलकाना अड्डा, मस्जिद गाडो वाली पिलखनतला, मस्जिद मक्का नवाबगंज चौक में 7.00 बजे, मस्जिद खलीलिया पुलिया कमेला कॉलोनी में 7.15 बजे, मस्जिद मेरान पुल शाहबेलोल, मस्जिद किला नवागंज, मस्जिद इशाअतुल कुरआन साबरी बाग, मदरसा जामिया रहमानिया में 8.00 बजे, मस्जिद वल्ली वालान कोरीटिल्ला, मस्जिद आतिशबाजान, मस्जिद शाहजहानी खानआलमपुरा, मस्जिद कुतुब वाली खानआलपुरा, मस्जिद कुतुबशेर 9.00 बजे, मस्जिद इस्लामिया इंटर कॉलेज ईदगाह रोड, मस्जिद आईनो वाली चौकी सराहय में 9.15 बजे, मस्जिद शाह अबू नवी शाह विलायत, जामा मस्जिद इमाम बारगाह मोहल्ला अंसारियाल में 9.30 बजे, मस्जिद अंगूर वाली लक्खीगेट, मस्जिद खिरनीवाली नाला पटरी किशनपुरा, मस्जिद मेहरबान अली शाह तीस दर्रापुल में 11. 00 बजे नमाद अदा होगी।
स्वस्थ पशु की करें कुर्बानी: रिजवान
सहारनपुर। मदरसा मजाहिद उलूम अरबी मददसा के नायब नाजिम हजरत मोलाना कारी सय्यद रिजवान ने कहा कि कुरान और हदीश में फरमाया गया है कि कुर्बानी करना उस शख्स पर वाजिब है, जो मुसलमान हो। कुुर्बानी के लिए भैंस, बकारा, दुंबा और ऊंठ का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन इन जानवरों में किसी तरह की बीमारी नहीं होनी चाहिए। जैसे जानवर अंधा न हो, सींग जड़ से टूट न हो, काना न हो, लंगड़ा न हो, इतना दुबला न हो कि बीमार नजर आए। वहीं, जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद का कहना है कि कुर्बानी के समय खून फैलना नहीं चाहिए, वो जमीन में जाना चाहिए। गड्ढा खोदकर खून को जमीन में दबा देना चाहिए, लेकिन अब लोगों के कच्चे मकान नहीं रह गए हैं, जिस कारण गड्ढा नहीं खोदा जा सकता है। इसलिए खून को तुरंत पानी डालकर बहा देना चाहिए। मुसलमानों को प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं देने चाहिए, जिससे किसी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचे। कुर्बानी के समय ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे किसी को तकलीफ पहुंचे।