एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन की सेवा निलंबित
बेहट। साढ़ौली कदीम की 102 एंबुलेंस सेवा के स्टॉफ द्वारा प्रसूता को पठेड़ में सड़क पर छोड़ने के मामले में जिला समन्वयक ने एंबुलेंस के चालक एवं टेक्नीशियन की सेवाएं निलंबित कर दूसरे स्टाफ तैनाती कर दी गई है।
बता दें कि 102 एंबुलेंस सेवा साढ़ौली कदीम के स्टॉफ द्वारा आशा की सूचना पर रहना गांव से प्रसव पीड़ा की हालत में एक महिला को साढ़ौली कदीम सीएचसी लाया गया था। यहां महिला को भर्ती कर लिया और सुबह तक नार्मल डिलीवरी होने की बात कहीं गई, लेकिन बिना रेफर किए ही 102 एंबुलेंस स्टॉफ ने प्रसूता का पठेड़ में बाहर सड़क पर छोड़ दिया। बताया गया है, कि यहां एक झोलाछाप महिला चिकित्सक है। 102 का स्टॉफ यहां प्रसूताओं को लेकर आता है और चिकित्सक से इसकी एवज में कमीशन लेता है। प्रसूता को सड़क छोड़ने की भनक मीडियाकर्मियों को लग गई। वह मौके पर पहुंचे तो 102 का स्टॉफ एंबुलेंस को लेकर फरार हो गया। इससे पहले भी कई बार 102 एंबुलेंस का यह स्टॉफ प्रसव पीड़ा की हालत में कई महिलाओं को सरकारी अस्पताल में न ले जाकर इस झोलाछाप चिकित्सक के यहां ले जा चुका है। इसकी शिकायत मिलने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी साढ़ौली कदीम डॉ. नितिन कंदवाल ने इस संबंध में सीएमओ एवं 102 एंबुलेंस के नोडल अधिकारी को लिखित एवं मौखिक रिपोर्ट दी थी। इस पर शनिवार को 102 एंबुलेंस के जिला समन्वयक सुधांशु कुमार सीएचसी साढ़ौली कदीम पहुंचे और प्रभारी चिकित्साधिकारी से मिले। इसके बाद वह पीड़ित महिला और उनके परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी की। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस पर तैनात चालक सुरेंद्र एवं टेक्नीशियन सौरभ कुमार की सेवाओं को निलंबित कर दूसरे स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। इस संबंध में लखनऊ मुख्यालय को भी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।