‘...हमारे चांद का दीदार हमको रोज होता है’
देवबंद। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला पंडाल में शनिवार रात अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें नामचीन कवियों ने अपनी हास्य व्यंग्य की रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की तलियां बटोरीं।
अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का उद्घाटन भाजपा नेता दीपक राज सिंघल और डा. अजय बिरला ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर किया जबकि माल्यार्पण डा. अमित वशिष्ठ ने किया। मथुरा से आए सुनहरी लाल तुरंत ने कुछ यूं कहा-‘विजय माल्या आ जा सारे बैंक बुलाएं आ जा, तेरी याद सताए आ जा सारे बैंक बुलाएं आ जा..।’ गाजियाबाद के कुशल कुशवाहा की रचना यूं रही- ‘खुशी सुख चैन घरानों में नहीं मिलती, सुकून की जिंदगी दुकानों पर नहीं मिलती’। बनारस के विनोद पांडेय ने कहा- ‘हुआ गंजा उसी दिन से धर्मपत्नी लगी कहने, हमारे चांद का दीदार हमको रोज होता है’ सुनाकर श्रोताओं को खूब लोटपोट कर दिया।
दिल्ली की डा. प्रीति विश्वास ने कुछ यूं सुनाया- ‘मेरा मन हीरा तुम्हारा मन मोती, अगर दोनों मिल जाते नंबर वन जोड़ी होती’। इनके अलावा अलावा शमीम किरतपुरी, बलराज मलिक, डा. दीवाकर गर्ग, मा. योगेंद्र सुंदरीयाल और निर्मल सक्सेना ने भी काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि बसपा नेता हाजी फजलुर्रहमान समेत अन्य अतिथियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता एम. अफसर तथा संचालन देवीदयाल शर्मा और कुशल कुशवाहा ने किया। इस मौके पर भाजपा नगराध्यक्ष गजराज राणा, रविंद्र कश्यप, बलवीर सैनी, संजय सैनी, बबलू सैनी, उमेश सैनी, जमालुद्दीन अंसारी, मनोज बिरला, शहजाद उस्मानी, अनिल त्यागी, धीरज चौधरी, दीपक त्यागी आदि रहे।