वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने की कोशिश : उलमा
देवबंद। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चुनाव से पूर्व साधु-संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देने के मामले में देवबंदी उलमा का कहना है कि शिवराज सरकार का यह कदम भले ही वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने वाला है, लेकिन ऐसा करने से किसी तरह का कोई विकास नहीं होगा।
तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि मध्य प्रदेश में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक लाभ उठाने के लिए वहां की सरकार ने साधु संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। ताकि खास वोट बैंक को अपनी ओर खींच सके। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास चुनाव में आने के लिए कोई खास मुद्दा नहीं है। क्योंकि न तो देश और न ही मध्य प्रदेश में किसी भी तरह का विकास हुआ है और जल्द ही मध्य प्रदेश जबकि एक साल बाद देश में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में शिवराज सरकार ने राजनीतिक लाभ उठाने के लिए साधु संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। जबकि इससे किसी भी तरह का विकास होने वाला नहीं है। मौलाना नदीमुलवाजदी ने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने इससे पहले यह कदम क्यों नहीं उठाया?। अब जब चुनाव सिर पर हैं तो उसे साधु संतों की याद आ रही है। साथ ही कहा कि साधु-संत हो या फिर उलमा सभी को सियासत में आने का हक है। लेकिन इनाम के तौर पर बड़े बड़े ओहदे दे दिए जाएं यह सरासर गलत है।