देवबंद (सहारनपुर)। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने न्यूज पोर्टल चलाने वाले पांच लोगों के खिलाफ लीगल नोटिस भेजकर 50 लाख रुपये की मानहानि का दावा किया है। आरोप है कि उक्त लोग लगातार पोर्टल के माध्यम से उन पर तथा उनके बेटे पर गलत टिप्पणी कर रहे थे।
मिल्लत टाइम्स नामक एक न्यूज पोर्टल पर गया बिहार निवासी अब्दुल्ला, शम्स तबरेज कासमी, उसका भाई कैसर सिद्दीकी, मुफ्ती जसीमुद्दीन कासमी और जावेद अहमद आदि लोग लगातार मौलाना नदीमुलवाजदी और उनके बेटे मुफ्ती यासिर नदीम के खिलाफ गलत टिप्पणी कर रहे थे। अधिवक्ता अब्दुल नासिर खान के मुताबिक मुफ्ती यासिर नदीम दारुल उलूम ऑनलाइन अमेरिकी के डायरेक्टर हैं। पिछले दिनों उन्होंने मौलाना सज्जाद नोमानी का इंटरव्यू किया था। जिसको उन्होंने सोशल मीडिया पर डाला हुआ था। आरोप है कि उक्त लोगों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इंटरव्यू को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। इतना ही नहीं मौलाना नदीमुवाजदी की किताबों और लेखों को भी गलत ढंग से पेश कर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते पांचों लोगों को लीगल नोटिस भेजकर 50 लाख रुपये का दावा किया गया है।