अंबेहटा (सहारनपुर)। प्यारे जी महाराज की याद में रणदेवा गांव में चल रहे वार्षिक मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन पहलवानों को कमेटी की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। तीसरे दिन भी आयोजित हुए दंगल में कई प्रदेशों के पहलवानों ने दमखम दिखाया। दंगल का मुख्य आकर्षण महिला कुश्ती रही।
शुक्रवार को दंगल में पहलवानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किए। करीब तीन दर्जन कुश्तियों में ज्यादातर बराबरी पर छूटी। मुडलाना के पहलवान मुकेश व दिल्ली के पहलवान बंटा के बीच हुए रोचक मुकाबले में मुकेश ने बंटा को पटखनी दी। दिल्ली के विनोद व मेरठ के भूरा के बीच हुई कुश्ती में भूरा ने विनोद को चित किया। इसके अलावा खेड़ा अफगान के आलमगीर व रुड़की के बिलाल पहलवान के बीच हुई कुश्ती में आलमगीर, दिल्ली के बंटी व ऊंचा गांव के उमेश पहलवान के बीच हुए मुकाबले में उमेश, जेहरा के संदीप व दिल्ली के भूरा के बीच हुई कुश्ती में संदीप, महंगी के जग्गा पहलवान व बड़ौत के अनुज पहलवान के बीच हुई कुश्ती में जग्गा ने बाजी मारी। दंगल के आखिरी दिन महिला पहलवानों की कुश्ती मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। दिल्ली से आईं महिला पहलवानों श्रेया व श्रुति के बीच रोचक मुकाबला हुआ परंतु दोनों ही पहलवानों द्वारा अपना पूरा दमखम दिखानें के कारण कुश्ती बराबरी पर छूटी। इसके अलावा जलालाबाद के निर्मल व सोनीपत के मंजीत, दाह के प्रवीण व सोनीपत के सचिन, बिलासपुर के रजत व खेड़ा अफगान के वकील, शास्त्रा के पहलवान शम्मी व भाकला के पहलवान सोनू, नकुड़ के आमिल व गंगोह के जावेद आदि पहलवानों के बीच हुई कुश्तियां बराबरी पर छूटी। सभी विजेता व उप विजेता पहलवानों को मेला प्रबंध समिति की ओर से नगद राशि व मेडल देकर सम्मानित किया गया। रेफरी की भूमिका सागर चंद, शकील अहमद, देवदत्त आर्य व जम्मन खां ने निभाई। इस दौरान मेला प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरिपाल सिंह, संजीव चौधरी, चंद्रशेखर मित्तल, भाकियू के तहसील अध्यक्ष महीपाल सिंह, सुरेश सिरोही, सागर चंद, अतुल फंदपुरी, सोमनाथ खजांची, अमरीश कुमार, लक्ष्मी चंद, इलियास, सुलेमान, शिवकुमार सहित काफी संख्या मेँ दर्शक मौजूद रहे।