सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग में अनियमितता को लेकर डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय में रखी फाइलें धूल फांकती मिली और रिकार्ड अधूरे मिले।
डीएम पीके पांडेय को जिला पंचायत राज विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों में अनियमितता की शिकायतें मिली थी। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। बुधवार को जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव ने अपनी टीम के साथ जिला पंचायत राज विभाग का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे शौचालयों का रिकार्ड मांगा तो विभाग के बाबू रिकार्ड नहीं दिखा सके। इसके अलावा जन शिकायतों के निस्तारण और पिछले दिनों हुए ग्राम सचिवों के स्थानांतरण से संबंधित जानकारी ली। मगर, कर्मचारी पूरी तरह जानकारी नहीं दे पाए। तमाम योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पूरी नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान फाइलें धूल फांकती मिली, जिस पर डीडीओ ने बाबुओं को फटकार लगाई। करीब छह घंटे तक डीडीओ ने जांच पड़ताल की। डीडीओ मंशाराम यादव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर औचक निरीक्षण किया, जिसमें विभिन्न खामियां मिली हैं। जांच रिपोर्ट जल्द मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
शौचालय निर्माण में मिल चुकी है अनियमितता
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे शौचालय निर्माण में पहले ही खामियां मिल चुकी हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की है। इसके बावजूद भी लापरवाही बरतने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। जिले की 887 ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाकर जनपद को जून तक ओडीएफ घोषित करना है, लेकिन ग्राम सचिवों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह मिशन रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। साढ़े तीन साल से चल रहे मिशन में अभी तक 325 गांवों में ही शौचालय बन पाए हैं। अब चार माह में बाकी बचे गांवों में शौचालय बनाना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
प्रमुख सचिव के दौरे को लेकर अलर्ट अधिकारी
सहारनपुर। बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव प्रभारी हेमंत राव विकास भवन में तमाम विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। सरकार प्राथमिकता में स्वच्छ भारत मिशन शामिल है। क्योंकि, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मगर, जिले में स्वच्छ भारत मिशन पिछड़ रहा है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय में लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसी को देखते हुए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक लेकर ग्राम सचिवों को दस दिन का अल्टीमेटम दिया था। अब प्रमुख सचिव प्रभारी के दौरे को लेकर अधिकारियों में हड़कंप मचा है।