पंचायत राज विभाग में गड़बड़ झाले की जांच शुरू
सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग में गड़बड़ झाले के आरोप में डीएम ने जांच बैठा दी है। डीएम को कई मामलों में अनियमितता बरतने की शिकायत मिली है। सीडीओ और डीडीओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो एक सप्ताह में डीएम को रिपोर्ट देंगे। इस मामले में कई विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन को जनपद में पूरा करने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज विभाग की है। पिछले दिनों 31 गांवों में शौचालय निर्माण में अनियमितता मिली थी। जिन गांवों में शौचालय बन चुके हैं, उनमें बजट का पैसा दिया गया था। मगर, नियम यह है कि जिन गांवों में शौचालय नहीं बने हैं, पहले वहां बजट में आया पैसा दिया जाए। खुले में शौच मुक्त हो चुके गांवों में भी खामियां सामने आ चुकी हैं। शौचालय निर्माण में प्रधानों और सचिवों द्वारा धांधली किए जाने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के वेतन से पैसा काटे जाने की शिकायतें भी लगातार जिलाधिकारी को मिल रही थी। पिछले दिनों ग्राम सचिवों के स्थानांतरण नीति में अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे, जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने जिला पंचायत राज विभाग कार्यालय में हंगामा किया था। इन सभी मामलों की शिकायत पर जिलाधिकारी पीके पांडेय ने जांच बैठा दी है। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन और जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट डीएम को देंगे। इस मामले में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों हड़कंप मचा है। क्योंकि, जांच के बाद कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है। अग्रिम कार्रवाई के लिए जल्द रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। जिला पंचायत राज विभाग पर कार्यों में विभिन्न तरह की अनियमितता बरतने का आरोप है।
- मंशाराम यादव, जिला विकास अधिकारी