सहारनपुर। आजादी के बाद सहारनपुर को पहला मेयर मिलने जा रहा है। सहारनपुर नगर पालिका को 2008 में नगर निगम का दर्जा मिला था। ब्रिटिश काल में नगर पालिका के सबसे पहले चेयरमैन 1923 में बीआर बोमंजी बने थे। 2008 तक 22 चेयरमैन 16 प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में नगर पालिका की कमान रही।
नगर निगम के चुनाव को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। एक अक्टूबर 2008 को सहारनपुर नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिल गया था। इसके बाद से आज तक नगर निगम का चुनाव नहीं हो पाया। आठ साल 11 महीने से नगर निगम की कमान आठ नगरायुक्त के हाथों में रही। वर्तमान में नगरायुक्त गौरव वर्मा नगर निगम का कार्यभार देख रहे हैं। नगर निगम का दर्जा मिलने और आजादी के बाद पहली बार सहारनपुर को मेयर मिलने जा रहा है, जिसका चुनाव 20 नवंबर को होगा और एक दिसंबर को वोटों की गिनती के बाद सहारनपुर को पहला मेयर मिल जाएगा। नगर निगम चुनाव को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। सहारनपुर नगर पालिका को 1923 से 2008 तक 22 चेयरमैन मिल चुके हैं। इस दरमियान अलग-अलग योजनाओं में 26 वर्ष तक बोर्ड भंग भी रहा। इस बीच 16 प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में नगर पालिका की कमान ही।
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नगर पालिका से नगर निगम तक का सफर
-- 1923 से 1928 तक बीआर बोमंजी रहे नगर पालिका के चेयरमैन
-- 1928 से 1929 तक खान बहादुर रहमान रहे चेयरमैन। दो साल बोर्ड भंग रहा।
-- 1931 से 1933 तक ख्वाजा मजाहिर हसन रहे चेयरमैन।
-- 1933 से 1935 तक सेठ राय बहादुर खूबचंद रहे चेयरमैन।
-- 1935 से 1944 तक नगर पालिका का बोर्ड भंग रहा।
-- 1944 से 1946 तक ख्वाजा अथर हसन रहे चेयरमैन।
-- अगस्त 1947 से दिसंबर 1947 तक लाला जीतराम रहे चेयरमैन।
-- आजादी के बाद 1947 में 1955 तक कुंवर जमशेद अली खान रहे चेयरमैन।
-- 1955 से 1956 तक सेठ मंगल किरण रहे चेयरमैन।
-- 1956 से 1958 तक नगर पालिका बोर्ड भंग रहा।
-- 1958 से 1965 तक सेठ भगवानदास रहे चेयरमैन।
-- 1965 से 1966 तक मोहम्मद मसरूर खां सरोहा रहे चेयरमैन।
-- 1966 से 1972 तक मंगल किरण जैन रहे चेयरमैन।
-- दिसंबर 1972 से फरवरी 1973 तक मुंशी ताहिर हसन रहे चेयरमैन।
-- 1973 तक से 1977 तक सेठ भगवानदास रहे चेयरमैन।
-- 1977 से 1989 तक नगर पालिका बोर्ड भंग रहा। प्रभारी अधिकारी डीएस वर्मा, उमाकांत, सय्यद अहमद, एमयू खान, सय्यद अहमद, केसी अग्रवाल और सर्वधन के हाथों में नगर पालिका की कमान रही।
-- आठ फरवरी 1989 में रविंद्र तलवार चेयरमैन बने। इनका कार्यकाल 18 अगस्त 1990 तक रहा। इनके बाद न्यायालय के आदेश पर 11 मई से दस अगस्त 1990 तक वाइस चेयरमैन शमशाद नगर पालिका के चेयरमैन रहे। कोर्ट से स्टे लाकर रविंद्र तलवार दोबारा चेयरमैन बने।
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एक दिन के चेयरमैन बने थे महादेव प्रसाद
सहरनपुर। पांच अप्रैल से छह अप्रैल 1992 तक एक दिन के लिए महादेव प्रसाद नगर पालिका के चेयरमैन रहे। इसके बाद बोर्ड भंग हो गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी सत्यवीर सिंह वर्मा, संजय किशन, प्रीति शुक्ला, संजय किशन, केएल जोशी ने संभाला कार्यभार।
-- चुनाव होने पर एक दिसंबर 1995 को राज दुलारी बनी चेयरमैन, जो सन 2000 के शुरूआती दिनों तक पद पर रही।
-- चार दिसंबर 2000 में हरीश मलिक चेयरमैन बने, जो 2006 तक रहे।
-- 2006 में इमरान मसूद ने चुनाव जीता और चेयरमैन बने। 2008 में सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा मिल गया। इसके बाद से आज तक नगरायुक्त ही नगर निगम का कार्यभार देख रहे हैं।
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14 गांव के लोगों में भारी उत्साह
सहारनपुर। 2008 में नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद परिसीमन में शहर से सटे 14 गांवों को नगर निगम में शामिल किया। इन गांव के लोग चुनाव को लेकर भारी उत्साहित है। उधर, सभी राजनीतिक दलों की नजर इन गांवों के मतदाताओं पर है।