सुबह की शाम को और शाम की ट्रेनें पहुंच रहीं हैं सुबह
सहारनपुर। कोहरा, धुंध और रेलवे ट्रैक पर चल रहे कार्य ने ट्रेनों की चाल की बिगाड़ कर रख दी है। सुबह आने वाली ट्रेन रात को और रात को आने वाली ट्रेन सुबह पहुंच रही हैं। 13-14 घंटे देरी से पहुंच रही ट्रेनों ने यात्रियों की हालत खराब कर दी है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेल यातायात सुधरने की बजाय पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। कोई भी ऐसी ट्रेन नहीं रह गई है तो अपने निर्धारित समय पर पहुंच पा रही हो। दो घंटे से लेकर 14-14 घंटे तक ट्रेनें देरी से पहुंच रहीं हैं। आलम यह है कि सुबह आने वाली ट्रेन शाम को और शाम को आने वाली ट्रेन सुबह पहुंच रही है। दोपहर में आने वाली ट्रेन आधी रात में पहुंच रही है। सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस सहारनपुर में सुबह 10.40 बजे पहुंचती है। लेकिन बुधवार को 13.30 घंटे की देरी से लगभग रात 12 बजे के बाद ट्रेन सहारनपुर स्टेशन पर पहुंची। सिर्फ यही नहीं कामाख्या-कटरा एक्सप्रेस तो 20 घंटे देरी से सहारनपुर पहुंची। हिमगिरी भी साढ़े 13 घंटे देरी से पहुंची। जम्मू-गुवाहाटी एवं बेगमपुरा दोनों ही ट्रेनें 10 घंटे देरी से पहुंचीं। स्यालदाह और कोलकाता जाने वाली दुर्गयाना एक्सप्रेस 8-8 घंटे देरी से पहुंचीं। शालीमार, लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, अकालतख्त चार-चार घंटे देरी से पहुंचीं। सद्भावना, इंटरसिटी, हरिद्वार-दिल्ली पैसेंजर तथा सुपर एक्सप्रेस तीन-तीन घंटे देरी से सहारनपुर पहुंचीं। ट्रेनों के देरी से पहुंचने के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों में लोग भूख से बेहाल हो गए। कुछ लोग तो रास्ते के ही स्टेशन पर उतर गए और बसों से ही गंतव्य तक पहुंचे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि के ट्रेनों की रफ्तार कुछ कम कर दी गई है। रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह काम चल रहा है। शीघ्र ही स्थिति सामान्य होने की संभावना है।