सहारनपुर। मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल द्वारा आयोजित इजलास में धर्म गुरुओं ने कहा कि ये देश सभी धर्मों और संप्रदायों का मुल्क है। यहां पर रहने वाले सभी लोगों को समान अधिकार प्राप्त है। किसी एक विशेष संप्रदाय, वर्ग और किसी नस्ल की जागीर नहीं है। यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन सभी समान अधिकार के साथ रहते हैं।
मंगलवार को ईदगाह रोड स्थित इस्लामिया इंटर कालेज में मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल द्वारा इजलास का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदुस्तान के सभी नागरिक बराबरी का दर्जा रखते है किसी कोई विशेष अधिकार प्राप्त नहीं है। देशभक्ति या देश प्रेम के नाम पर अपने ही हम वेतनों के बीच दुश्मनी की आग भड़कनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आपसी द्वेष भाव पैदा कर लोगों को भड़काकर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारी से दूसरों को वंचित करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। ऐसे संगठनों को प्रतिबंध करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं पर और इबादत के तरीकों पर पाबंदियां लगाई जाएंगी तो धार्मिक स्वतंत्रता का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
वक्ताओं ने अर्थव्यवस्था को पूंजीवाद को सौंपने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देवबंद के वाइस चांसलर मौलाना सलमान बिजनौरी रहे। इस मौके पर मौलाना अताउर्रहमान वजदी, मौलाना मुहम्मद अख्तर कासमी, मौलाना मुफ्ती शरीफ खान, मौलाना रियाजुल हसन नदवी, मौलाना डाक्टर अब्दुल मालिक मुगीसी, मौलाना मुहम्मद अतहर हक्कानी नदवी, मौलाना शाकिर फर्रूख, मौलाना अजीजुल्लाह, कारी साई अहमद तिड़फवी, मौलाना, मुहम्मद असद नदवी, मजहर उमर खान, मौलाना मुहम्मद शाहिद मजाहिरी, हाफिज अब्दुल गनी, ज्ञानचंद आजाद, सतीश गौतम, चंद्र किरण, ओमप्रकाश गांधी मौजूद रहे।