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12 हजार के इनामी विनय रतन ने एलान के बाद किया कोर्ट में सरेंडर 

Mon, 23 Apr 2018 11:53 PM IST
ब्यूराो, अमर उजाला/सहारनपुर
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कोर्ट में सरेंडर से पहले पत्रकारों से बात करता विनय रत्न। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और 12 हजार के इनामी विनय रतन ने सोमवार को एलान कर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। चार घंटे पहले सोशल मीडिया पर सरेंडर का एलान करने के बाद विनय रतन भीड़ के साथ कचहरी में पहुंचा।
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बाकायदा रतन ने मीडिया से बात कर दलितों के उत्पीड़न पर नाराजगी जताई। पुलिस अधिकारियों को विनय रतन के आने की सूचना भी दी गई, मगर टालमटोल चलता रहा। अभी दो दिन पहले कुर्की नोटिस चस्पा करते हुए सामने खड़े रतन को न पकड़ने पर भी पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।  

सहारनपुर को हिंसा की आग में धकेलने के आरोपी भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के एसीजेएम कोर्ट में पूर्वाह्न 11 बजे सरेंडर किए जाने की सूचना सुबह लगभग आठ बजे ही सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी गई।
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भीम आर्मी के सभी पदाधिकारी भी पहले ही एकत्र हो गए थे। पूरे शहर में विनय रतन के सरेंडर किए जाने की सूचना थी, मगर पुलिस अनभिज्ञ बनी रही।  बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने सुबह ही पुलिस के आला अधिकारियों को पूर्वाह्न 11 बजे विनय रतन के सरेंडर किए जाने की सूचना दी।

लोग उसके आने से आधा घंटे पूर्व ही कचहरी के गेट पर पहुंच गए। निर्धारित समय के लगभग एक घंटे बाद दोपहर 12 बजे विनय रतन भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता विनय रतन, प्रवीण गौतम समेत दर्जनों लोगों के साथ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निर्दोष कुमार की कोर्ट में सरेंडर के लिए पहुंचा।

कचहरी परिसर में पहुंचकर पहले विनय रतन ने प्रेस वार्ता की। उसके बाद अधिवक्ताओं ने सरेंडर की पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कराए और फिर एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 

पुलिस ने विनय रतन की गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया। विनय रतन के कोर्ट में पहुंचने तक एक भी पुलिसकर्मी दूर-दूर तक नजर नहीं आया। विनय रतन के कोर्ट में पेश हो जाने के लगभग 15 मिनट बाद सदर कोतवाली पुलिस एवं जनकपुरी पुलिस ने कचहरी पहुंचने की औपचारिकता पूरी की, जबकि पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेश चंद्र मिश्र दूसरे छोर पर काफी दूर खड़े रहे। 

 पुलिस के पहुंचने से पहले की कोर्ट में जा चुका था 
नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि  पुलिस ने विनय रतन की गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर चुका था।

निर्दोष होने के कारण पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार
 आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने कहा है कि वह बेगुनाह है। उसे जबरन फंसाया गया। हिंसा से एक दिन पहले ही उसकी बहन की मौत हुई थी। यह पुलिस जानती है। इसलिए पुलिस ने सामने रहते हुए भी उसे गिरफ्तार नहीं किया।

उसने कहा कि कुर्की के नोटिस चस्पा करने गए पुलिस कर्मी उसे पहचानते ही नहीं थे। इसलिए भी उन्होंने उसे गिरफ्तार नहीं किया, फिर भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के चलते कुछ लोग हिंसा से दूर रहने वाले अंबेडकर वादी दलितों को बदनाम कर रहे हैं। इसकी जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी हों उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। विनय ने कहा कि उसे भरोसा है कोर्ट से वह निर्दोष साबित होंगे। 
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