नकुड़/सहारनपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम अपराजिता के तहत सोमवार को नकुड़ स्थित हरि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सेल्फ डिफेंस कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मार्शल आर्ट में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राजेश आर्य और उनकी टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं ने भी बेबाकी से सवाल पूछे और कहा कि बेटियां कमजोर नहीं है, यदि कोई रास्ते में किसी तरह की हरकत करेगा, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ हरि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन सुभाष चौधरी, भाजपा नेेता सरिता गुप्ता, डायरेक्टर मयंक चौधरी और जूडो प्रशिक्षक राजेश आर्य ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। सुभाष चौधरी ने अपराजिता कार्यक्रम की सराहाना करते हुए कहा कि इससे छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं को कभी भी और किसी भी किस्म की परेशानी हो उसे अपने परिवार या सहेली के साथ शेयर अवश्य करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोना चाहिए। हौसला और समझदारी से समस्याओं का समाधान हो जाता है। अध्यक्षता करते हुए सरिता गुप्ता ने अपराजिता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समय समय पर होते रहने चाहिए। इससे छात्राओं में आत्मबल बढ़ता है। प्राचार्य डॉक्टर नक्षत्रपाल राठौर ने कहा कि छात्राओं को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। इससे वह किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने में सक्षम बन सकती हैं।
राजेश आर्य ने कहा कि बेटियां हमेशा अपना मनोबल ऊंचा रखें। परिस्थिति कैसी भी हो उसका हिम्मत के साथ डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी दुर्व्यवहार का जोरदार विरोध करें। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए शारीरिक रूप से फीट रहने का आह्वान किया। उन्होंने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के अनेक टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि छात्राएं कौन सी स्थिति में किस प्रकार अपनी रक्षा स्वयं कर सकती है। इस दौरान छात्राओं ने राजेश आर्य से खूब सवाल भी किए। संचालन कोमिल कुमार एवं डैनी सक्सेना ने किया। इस दौरान मंजुला, आस्था, शिखा, स्वाति, सुखवीर सिंह, डॉक्टर सुनीता तायल, रणदीप, महक सिंह, अमित कुमार, श्रीकांत शर्मा, बाबूराम, प्रमेंद्र, विवेक त्यागी, निशांत गुप्ता, भूमिका अरोडा आदि मौजूद रहे।
छात्राओं को प्रैक्टिकल करके दिखाया
कार्यशाला के दौरान एक दर्जन से ज्यादा छात्राओं ने मंच पर आकर अपनी अपनी समस्याएं रखीं। किसी ने बताया कि रास्ते में पीछे से आकर कोई छेड़छाड़ करता है और हाथ पकड़ लेता है, तो उससे कैसे निपटा जाए। तो कई छात्राओं ने अन्य प्रकार से होने वाली परेशानियों से निपटने की तरीके पूछे। इस पर राजेश आर्य और उनकी टीम ने छात्राओं को मंच पर ही प्रैक्टिकल के तौर पर वह सभी तरीके बताए, जिनसे छात्राएं और महिलाएं किसी भी अवांछनीय व्यक्ति को गलत हरकत करने पर मौके पर ही सबक सिखा सके।
छात्राओं की जुबानी -------
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आत्मरक्षा के गुर सीखना बहुत अच्छा लगा। इससे हमारा मनोबल बढ़ा है। आत्मरक्षा के गुर सीखकर यह भरोसा पैदा हुआ कि हम अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। -- शिवानी।
बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। कार्यक्रम ने इस धारणा को तोड़ा है कि बेटियां कमजोर होती हैं। -- सादिया अंसारी।
अपराजिता कार्यक्रम छात्राओं के आत्म विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। आज सेल्फ डिफेंस के प्रशिक्षण से छात्राएं उत्साह में हैं। -- गायत्री।
सभी छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए। जिससे वे हमेशा ही हर परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार रहेगी। -- मुस्कान।
लड़कियां सभी क्षेत्रों में लड़कों से कम नहीं हैं। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर सेना का। सभी क्षेत्रों में बेटियां किसी से कमजोर नहीं हैं। -- साहिबा।
आज अपराजिता के तहत हुए सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम ने नई राह दिखाई है। अब छात्राएं पढाई के साथ साथ आत्मरक्षा के गुर भी सीखेंगी। -- मनीषा राठौर।
कार्यक्रम ने हमारा हौसला बुलंद कर दिया है। यदि किसी ने हमेशा साथ बदतमीजी करने का प्रयास किया तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। -- हिमांशी पंवार।