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स्मार्ट सिटी की ‘राह’ में थाने बने रोड़ा

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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी के तहत पूरे शहर को व्यवस्थित करने के लिए कार्य योजना भी तैयार कर ली गई है। करोड़ों रुपये का बजट भी तैयार हो चुका है, लेकिन सड़क पर स्थित थाने, कोतवाली को शिफ्ट करने की कवायद नहीं की जा रही। शिफ्ट हों भी कैसे, पुलिस को जगह ही नहीं पसंद आ रही है। दो थाने का शिफ्ट होने का कार्य वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है।
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेजी से चल रही है। यहां तक कि शहर में बने बस स्टैंडों को भी शहर से बाहर ले जाया जा रहा है। उसके लिए भी भूमि की तलाश हो रही है। शहर के जाम को कम करने के लिए बाईपास का निर्माण तेजी से चल रहा है, लेकिन यहां तो पुलिस ही सड़कों को खाली करने में रोड़ा बनी हुई है। शहर के दो थाने एवं कई पुलिस चौकियां सड़क पर ही बनी हुई हैं। ऐसा नहीं है कि इन थानों के लिए जगह नहीं है। कुतुबशेर थाने के लिए कमेला कालोनी में जगह निर्धारित की गई थी। वहां थाना शिफ्ट करने की तैयारी भी की गई, लेकिन कमेला कालोनी में थाना ले जाने के लिए पुलिस अधिकारी ही तैयार नहीं हुए। पुलिस अधिकारियों को वहां थाना शिफ्ट करना पसंद नहीं आया। इसके बाद अंबाला रोड पर ही कारगिल गेट के अंदर थाना शिफ्ट करने की तैयारी कर ली गई। इमारत भी बना दी गई, लेकिन वक्फ बोर्ड ने उस भूमि को अपनी बताते हुए आपत्ति जता दी। जिससे मामला लटक गया और थाना शिफ्ट नहीं हो सका।
देहात कोतवाली की भी यही स्थिति रही। देहात कोतवाली का भवन भी पूरी तरह से सड़क पर ही बना हुआ है। कई साल पहले देहात कोतवाली का भवन बेहट रोड पर ही ग्राम नाजिरपुरा में शिफ्ट करने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन शहर का मोह इस प्रक्रिया में बाधा बना रहा। इसको शिफ्ट करने की प्रक्रिया के लिए प्रयास ही नहीं किए गए। जिस कारण यह भी कोतवाली सड़क से स्थानांतरित नहीं हो सकी।
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थाने ही नहीं चौकियां भी हैं सड़क पर
सहारनपुर में सिर्फ थाने ही नहीं चौकियां भी सड़क पर बना दी गईं हैं। हसनपुर चौकी का काफी हिस्सा सड़क पर ही आ रहा है। इसके अलावा राकेश केमिकल चौकी, सिविल लाइन चौकी, पार्श्वनाथ प्लाजा चौकी, चिलकाना रोड स्थित चौकी, मानकमऊ तो रजबहा पटरी पर ही बना दी गई है। नकुड़ चेकपोस्ट भी सड़क के डिवाइडर पर ही बना दिया गया है।

कुतुबशेर थाने में अनियंत्रित ट्रक ने मार दी थी टक्कर
कुतुबशेर थाने की इमारत सड़क पर ही बना दी गई है। जिस कारण अंबाला हाईवे की सड़क संकरी भी हो गई है। इसके बाद थाने के सामने फरियादियों के वाहन खड़े होने के बाद स्थिति विकट हो जाती है। सड़क पर थाना होने के कारण हादसे का खतरा भी रहता है। कुछ वर्ष पूर्व अनियंत्रित ट्रक ने कुतुबशेर थाने की इमारत में टक्कर मार दी थी। जिससे इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे थे। हसनपुर चौकी में भी वाहन कई बार घुस चुके हैं। नकुड़ चेकपोस्ट को भी ट्रक कई बार क्षतिग्रस्त कर चुके हैं।
शेखपुरा कदीम के लिए भी जगह की तलाश
शेखपुरा कदीम को थाना बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके लिए भी अभी जगह की ही समस्या बनी हुई है। यहां थाना बनने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। हालांकि पुरानी चौकी को छोड़कर, टपरी रोड पर चौकी आ चुकी है, लेकिन उसके लिए आसपास भूमि की तलाश की जा रही है।

थाने शिफ्ट करने की प्रक्रिया की जा रही है
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि थाने को शिफ्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। कुतुबशेर के लिए जो भूमि है अब उस पर विवाद हो गया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि देहात कोतवाली को शिफ्ट करने के लिए जिस भूमि को चिह्नित किया गया था। उसकी प्रक्रिया शासन में लंबित है। कोशिश की जा रही है कि जल्दी ही थाने शिफ्ट कराए जा सकें।
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