देवबंद (सहारनपुर)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के दारुल उलूम पर दिए विवादित बयान को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुस्लिम धर्मगुरुओं के बाद अब हिंदू धर्मगुरु भी गिरिराज के विरोध उतर आए हैं। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने गिरिराज सिंह के बयान को देवबंद का अपमान बताते हुए पीएम मोदी से ऐसे मंत्रियों पर अंकुश लगाने की मांग की है।
मंगलवार को पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने देवबंद की पवित्र धरती पर आकर जो बयान दिया वो सरासर गलत है। दारुल उलूम एक अच्छी और सच्ची संस्था है। गिरिराज सिंह अपने बयानों को साबित करें और जांच कराएं हम भी उनके साथ हैं। लेकिन बिना किसी सबूत के दारुल उलूम पर इस प्रकार के बेबुनियाद आरोप लगाना पूरे देवबंद का अपमान है। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम ने हिंदू मुस्लिम एकता की शानदार मिसाल पेश की हुई है। संस्था के भीतर गीता और कुरआन को बराबर-बराबर रखकर यह संदेश दिया है कि हम सब एक हैं। उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह को अपने बयान के लिए देवबंद की जनता से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह इस तरह की बयानबाजी करने वाले मंत्रियों और नेताओं पर लगाम कसने का काम करें। क्योंकि इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करने से आपस में नफरत का जहर फैलता है जो किसी भी धर्म, जाति और वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी नहीं होता। पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी समान रुप से सरकार चलाकर सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर कार्य कर रहे हैं। जिससे देश विकास की पटरी पर दौड़ रहा है।