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रेलवे फाटक पर ईंटों से लदी ट्राली फंसी

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रेलवे फाटक पर ईंटों से लदी ट्राली फंसी
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नानौता। बुधवार दोपहर ट्रेन आने के वक्त ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली रेलवे फाटक पार करते वक्त फंस गई। गनीमत रही कि ट्रैक्टर-ट्राली रेलवे लाइन पार करके ही फंसी। ट्राली फंसने से एक तरफ का फाटक बंद नहीं हो सका। इसके चलते गेटमैन ने आनन-फानन में जंजीर बांधकर वाहनों को रोका तथा दिल्ली के लिए आ रही ट्रेन को स्टेशन मास्टर को सूचना देकर कासन (धीमी गति का निर्देश पत्र) पर चलवाया। काफी धीमी गति से ट्रेन निकाली गई। ट्रेन जाने पर डेढ घंटे की मशक्कत के बाद ट्राली को हटवाया जा सका। इस दौरान दो घंटे तक नानौता-देवबंद मार्ग पर वाहनों को जाम का सामना करना पड़ा।
बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे नानौता के देवबंद रोड स्थित फाटक संख्या- स्पेशल 117 पर रेलवे लाइन पार करते ही ईटों से लदी ट्राली फंस गई। ट्राली फंसती देख गेटमैन अलर्ट हो गया। ट्राली फंसने के कारण एक तरफ का फाटक तो बंद हो गया। लेकिन दूसरी तरफ का नहीं हो सका। इसके चलते वाहनों को रोकने के लिए गेटमैन ने सूझबूझ का परिचय देकर लोहे की लंबी जंजीर लगाकर मार्ग बाधित किया। इसी दौरान 74024 सहारनपुर-दिल्ली ट्रेन को नानौता रेलवे स्टेशन पर पहुंचना था। गेटमैन संजय कुमार ने ट्राली फंसी होने की जानकारी रेलवे स्टेशन मास्टर प्रवीण लांबा को दी। इसके बाद करीब दोपहर 02.05 बजे ट्रेन को बेहद धीमी गति से गुजारा गया और रेलवे स्टेशन तक पहुंचवाया गया।
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इसके बाद करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ट्राली को रेलवे फाटक से निकाला जा सका। इससे पूर्व ट्राली के फंसने से सड़क मार्ग पर भयंकर जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर से भी अधिक लंबा जाम लगा रहा। छुट्टी के बाद स्कूली बसों में सवार बच्चों को भी जाम में जूझना पड़ा। ट्राली के हटने के बाद ही वाहनों का आवागमन सुचारु हो सका। स्टेशन मास्टर प्रवीण लांबा ने बताया कि सूचना के बाद आरपीएफ मौके पर पहुंच गई थी जो ट्रैक्टर के स्वामी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
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