सहारनपुर। प्राचीन श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में लंकापति रावण की हाथी पर सवारी निकाली गई। लंकेश ने बाजार में व्यापारियों के खाते चेक कराए और गड़बड़ी मिलने पर टैक्स लगाया। हलवाई अट्टा में काल और रावण के बीच युद्ध की लीला देखने को भारी भीड़ एकत्र हो गई।
रामलीला भवन से राजा लंकेश की हाथी सवारी बैंडबाजों के साथ धूमधाम से निकाली गई। लंकेश की स्वारी में ध्वज केे साथ कमेटी के पदाधिकारी चल रहे थे। एक वाहन पर रावण का मुंशी विराजमान था और लंकेश अपने मंत्री के साथ हाथी पर सवार होकर चल रहे थे। सवारी मोरगंज बाजार, चौक फव्वारा, सराफा बाजार होते हुए पुराना बजाजा पहुंची। मार्ग में लंकेश अपने मुंशी को व्यापारियों के खाते चेक करने और गड़बड़ी पाए जाने पर टैक्स लगाने की घोषणा करते हुए चल रहे थे। रावण और मुंशी के संवाद सुनने को मार्ग में भारी भीड़ एकत्र हो गई। हलवाई अट्टा पहुंचने पर काल लीला का मंचन हुआ, जिसमें काल ने ऊपर से छलांग लगाकर रावण से युद्ध किया। युद्ध के पश्चात रावण ने काल पर विजय प्राप्त की और काल को अपने साथ बांधकर ले गए। रावण की भूमिका में मुकेश सिंघल, मुंशी की भूमिका में सुधीर शर्मा और काल की भूमिका में राजू गोपी रहे।
इससे पूर्व बुधवार की रात बेहट अड्डा बस स्टैंड के निकट रामलीला मैदान पर लीला का उद्घाटन कोतवाली मंडी इंस्पेक्टर मुनेंद्र शर्मा ने किया। वृंदावन से आए श्री कृष्ण केशव लीला संस्थान के कलाकारों ने नारद मोह लीला का सफल मंचन किया। प्रधान अनिल अग्रवाल, मंत्री चौधरी माई दयाल मित्तल, अनुज गुप्ता, मनूज तायल, नीरज गर्ग, दीपक अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, अमित सिंघल, कुलदीप अग्रवाल, सचिन गोयल मौजूद रहे।