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शहर की आबादी के बीच से प्रशासन नहीं हटवा सका आतिशबाजी का सामान

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सहारनपुर। शहर की घनी आबादी और भरे बाजार के बीच में आतिशबाजी की बीस से अधिक लाइसेंसी दुकानें हैं। नियम विरुद्ध इनका लाइसेंस का नवीनीकरण भी हो रहा है और आतिशबाजी की बिक्री भी जमकर हो रही है। न तो इन्हें घनी आबादी से बाहर ले जाया जा सका और न ही इन पर कोई कार्रवाई ही की गई। सिर्फ रिपोर्ट भेजने और नोटिस भेजकर कागजी कार्रवाई पूरी करके ही इतिश्री कर ली गई।
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रविवार को शहीदगंज में हुए अग्निकांड में चली आतिशबाजी ने प्रशासनिक कार्रवाई की पोल खुल गई। सहारनपुर शहर की घनी आबादी और भरे बाजार में लगभग बीस दुकानें लाइसेंसी हैं। जिनकी सूची प्रशासनिक अधिकारियों के पास है, जबकि एक बाजार और मोहल्ला में तो कई घरों में अवैध रूप से न सिर्फ बेचे जा रहे हैं, बल्कि आतिशबाजी बनाई भी जा रही है। जबकि घनी आबादी और शहर के अंदर स्थित बाजार में आतिशबाजी बनाना तो दूर, बिक्री भी नहीं की जा सकती। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक अधिकांश दुकानें एवं गोदाम शहर के अंदर ही हैं। लापरवाही का आलम यह है कि पिछले वर्ष ही शहर के अंदर आतिशबाजी की दुकानें करने वाले दुकानदारों को प्रशासन ने नोटिस भेज दिए थे। उसके बाद फाइल बंद कर दी गई। कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
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-- पिछले वर्ष ही भेज दी थी रिपोर्ट
मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने पिछले वर्ष ही सुरक्षा की दृष्टि से शहर में स्थित दुकानों को बाहर जाने संबंध में रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी थी। प्रशासन की ओर से भी नोटिस जारी कर दिए गए थे। परंतु अभी तक कितनी दुकानें बाहर गईं हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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- रिपोर्ट मंगाई गई है
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दुबे का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारी से इस मामले की रिपोर्ट तलब की है। अब तक क्या कार्रवाई हुई है, क्यों नहीं आतिशबाजी की दुकानें बाहर गईं हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। आतिशबाजी शहर में आबादी के बीच पाई गई तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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