रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। सोहम मंडल के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि संतों की वाणी कल्याण करने वाली होती है। गुरु की कृपा होते ही मानव दुर्गुणों से दूर होने लगता है।
श्री मंदिर ठाकुर द्वारा में चल रहे सात दिवसीय विराट संत सम्मेलन के छठे दिन स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जब पुण्य आत्मा का जन्म होता है। वातावरण प्रकाशमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि माता पिता को भी चाहिए कि वह पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भधारण के समय से ही अच्छे विचारों का ध्यान करें। परमात्मा के गुणों का आत्मसात करें। इसके बाद ही एक धैर्यवान, गुणवान बालक जन्म लेगा। इस बात से साइंस तक सहमत है और यह बात हमारे ग्रंथों में आदि काल से बताई गई है। उन्होंने कहा कि जिस माता पिता के बच्चों में अच्छे संस्कार होंगे वह परिवार सुखी जीवन व्यतीत करेगा। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने बताया कि राम के नाम में बड़ी शक्ति है। माता शबरी ने उनके नाम को जपा तो स्वयं प्रभु श्रीराम उनकी कुटिया तक जा पहुंचे। इसी प्रकार से यदि हम भगवान राम का स्मरण करेंगे तो वह हमारे संकटों को काट देंगे। स्वामी प्रीतम दास जी महाराज ने कहा कि माता पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को संतों की वाणी सुनाए तभी उन्हें अपनी संस्कृति का पता चलने के साथ-साथ उनके अंदर अच्छे विचार जन्म लेंगे। इस मौके पर कांशी राम, चौधरी धनेंद्र पंवार, डा. अनुज सैनी, नीरज सैनी, संजय कुमार, सुरेंद्रानंद आदि का सहयोग रहा।