समय से भुगतान नहीं होने के बावजूद बढ़ रहा गन्ना बुआई का क्रेज
सहारनपुर। समय से भुगतान नहीं मिलने के बावजूद किसानों में गन्ना बुवाई का क्रेज बढ़ता जा रहा है। जिले में शरद कालीन गन्ना बुआई में जहां गत वर्ष की अपेक्षा 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई वहीं बसंत कालीन गन्ने का रकबा भी 12 फीसदी बढ़ गया है। गन्ना बुआई के ट्रेड से स्पष्ट है कि आने वाले सत्र में शुगर मिलों के पास पेराई के लिए गन्ना प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होगा।
गन्ना उत्पादन में बढ़ोत्तरी से उत्साहित किसानों का क्रेज गन्ना बुआई की तरफ बढ़ रहा है। यह तब है कि जब किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिल रहा है। बकाया गन्ना मूल्य का पेमेंट नहीं होने के चलते किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। जिले में गत वर्ष जहां 991 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरद कालीन गन्ने की बुआई हुई थी, वहीं इस बार इस रकबे में 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 1325.4 हेक्टेयर हो गया है। इसी प्रकार बसंत कालीन गन्ना बुआई में भी 12 फीसदी की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जिले में 18215 हेक्टेयर रकबे में बसंत कालीन गन्ना बुआई हुई थी जो इस बार बढ़कर 20445 हेक्टेयर हो गया है। हालांकि जिले में अधिकांश किसान गेहूं को काटकर ग्रीष्मकालीन गन्ने की बुआई करते हैं। गत वर्ष जनपद में गन्ना क्षेत्रफल 91584 हेक्टेयर था। जिसकेे इस बार काफी बढ़ने की संभावना है।
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गन्ने की उत्पादकता में हुई बढ़ोत्तरी से उत्साहित जिले के किसानों में गन्ना बुआई का रुझान बढ़ा है। शरद कालीन और बसंत कालीन गन्ने के रकबे में बढ़ोत्तरी के साथ ही ग्रीष्मकालीन गन्ना बुआई में वृद्धि होने की संभावना है। इससे आगामी सीजन में भी जिले की शुगर मिलों को भरपूर मात्रा में गन्ना मिलेगा।
--डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।