देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा जामियातुल कुदसियात अल इस्लामिया में सालाना इजलास का आयोजन हुआ। जिसमें तालीमी बेदारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ शीर्षक से कार्यक्रम भी पेश किया गया। इस दौरान छात्राओं की दस्तारबंदी की गई। संस्था के मोहतमिम कारी आमिर उस्मानी ने कहा कि संस्था पिछले कई वर्षों से बच्चियों को तालीम याफ्ता बनाने का काम कर रही है। क्योंकि एक बेटी के पढ़ लेने से कई परिवार शिक्षित होते हैं।
शुक्रवार को मोहल्ला गुज्जरवाड़ा स्थित मदरसे में हुए कार्यक्रम की शुरुआत कतर के इमाम कारी जमीलुर्रहमान की तिलावत-ए-कलाम पाक व दारुल उलूम अशरफिया के छात्रों की नात-ए-पाक से हुई। कार्यक्रम में छात्राओं ने बेटियों की तालीम व तरबियत पर कई कार्यक्रम पेश किए। जिन्हें खूब सराहा गया। इस अवसर पर दारुल उलूम वक्फ के शिक्षा प्रभारी कारी मोहम्मद वासिफ ने कहा कि कुरआन का हर लफ्ज हमें हर ऐसी अदा और बुराईयों से रोकता है जिससे हमारा दुनिया और आखिरत का निजाम बरबाद हो और अल्लाह की गिरफ्त से बच जाएं। दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने सरकारी योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर कहा कि यह योजना सबसे पहले हुजूर पाक की थी और हदीस में महिलाओं की हिफाजत व तालीम के लिए सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने बेटियों से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर काम करने तथा ससुराली जिंदगी में छोटे छोटे मदरसे खोलने का आह्वान किया। अध्यक्ष मेराज मस्जिद दिल्ली के इमाम मौलाना मसूद कासमी व संचालन दारुल उलूम वक्फ के उस्ताद कारी नसरुल अमीन ने की। कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से हजारों महिलाओं ने भाग लिया। इस मौके पर अंसार मसूदी, नजम उस्मानी, ताहिर हसन शिबली, चौधरी परवेज, दानिश उस्मानी, कारी तौकीर आलम, बदरुज्जमा सिद्दीकी, कारी आसिफ, मौ. सादिक, जैनुल आबदीन, हम्माद, अबु सालेह और मौ. अहमद आदि मौजूद रहे।