सहारनपुर। गोरखपुर और फूलपुर में हार से परेशान भाजपा की नींद अब कैराना लोकसभा के उप चुनाव को लेकर उड़ी है। सहारनपुर आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी लाख कोशिशों के बाद भी विपक्ष की एकता की चिंता को नहीं छिपा पाए। वह लोगों को यही बताने में लगे रहे कि कल तक एक दूसरे के खिलाफ जहर उगलने वाली सपा और बसपा क्यों एक साथ आए हैं। यही नहीं उन्होंने जयंती समारोह में आए लोगों को भाजपा के समर्थन में खड़े होने का संकल्प भी दिलाया।
वैसे तो मौका कश्यप महर्षि जयंती समारोह का था, मगर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पूरा भाषण चुनावी सभा जैसा रहा। समारोह में जुटी भीड़ को देखकर उन्होंने पूरा भाषण भाजपा की उपलब्धियों और विपक्ष की एकता पर फोकस रखा। गोरखपुर और फूलपुर में सीट पर काबिज होकर विपक्ष मजबूत हुआ है। ऐसे में कैराना उप चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें आना स्वाभाविक है। डिप्टी सीएम भी इस चिंता से खुद को अलग नहीं कर पाए। उन्होंने लोगों को यह समझाने का भरसक प्रयास किया कि 60 प्रतिशत लोग अब भी भाजपा के पक्ष में हैं, जबकि 40 प्रतिशत पर पूरा विपक्ष है। समाज के बंटवारे को देश की एकता को बड़ा खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि सपा और बसपा चुनावों को लेकर उन्हें बांटने का प्रयास करेगी। आपको दृढ़ता के साथ देश की खातिर एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट की नहीं विकास की राजनीति करती है। देश हित में मोदी से मजबूत नेतृत्व कोई और नहीं है। देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत को बड़ी शक्ति के रुप में पहचान दी है। यही नहीं उपेक्षित महसूस कर रहे कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का प्रयास किया। डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि गोरखपुर और फूलपुर में हार के कारण उन्हें पता है, जिन्हें सार्वजनिक तो नहीं किया जा सकता है, मगर कैराना के उप चुनाव में भाजपा का दबदबा बरकरार रहने वाला है। डिप्टी सीएम का कितना ही दावा करें, मगर सपा, बसपा, कांग्रेस और लोकदल के बढ़ते मेलजोल ने भाजपा नेताओं की बेचैनी बढ़ा रखी है। पिछले दिनों यहां आए बाबा रामदेव ने भी गठबंधन को भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बताया था।