सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि शासकीय अधिवक्ता पूरी मुस्तैदी से वादों में पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाएं। जो प्रकरण छूट गए हों उनमें अपील की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वादों में पत्रावली एवं गवाही के लिए लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से कहा कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देश जारी करें कि समय से वादों की पैरवी करें। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी वादों के निस्तारण में हर स्तर पर सहयोग करने के निर्देश दिए।
शनिवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रीयल जांच लंबित है, उन्हें समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। मजिस्ट्रीयल जांच में शिकायतकर्ता व उनके परिजनों को अपनी बात कहने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। शासकीय अधिवक्ता यह प्रयास करें कि जिस दिन गवाह हाजिर हो उसी दिन उसकी गवाही हो जाएं। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में गवाह को भय या धमकी मिल रही है, ऐसे प्रकरणों को चिह्नित कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में लाएं। उन्होंने कहा कि ड्रग इंसपेक्टर व खाद्य निरीक्षकों द्वारा दर्ज कराए गए वादों में भी बेहतर पैरवी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले देश के दुश्मन है। उन्होंने कहा कि दोषी को किस आधार पर बरी किया गया उसका कारण सहित हमारे समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि वाद की जांच के कारण अपराधी छूटा है, तो संबंधित जांच अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार, सभी एसडीएम, जिला शासकीय अधिवक्ता सहित अन्य मौजूद रहे।