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खाद्य कारोबार के लिए पंजीकरण/लाइसेंस अनिवार्य

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सहारनपुर। खाद्य कारोबार के संचालन के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। नए कारोबारियों को तो काम शुरू करने से पहले लाइसेंस लेना ही होगा। साथ ही पहले से बिना लाइसेंस के काम करने वालों को भी लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस के कारोबार करने पर तीन लाख रुपये के अर्थदंड या छह महीने का कारावास हो सकता है।
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खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006, नियमावली एवं विनिमय 2011 के प्रावधानों के तहत खाद्य पंजीकरण/लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही खाद्य कारोबार किया जा सकता है। 12 लाख रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर और प्रतिदिन सौ किलोग्राम या सौ लीटर उत्पादन तक के खाद्य व्यवसाय का पंजीकरण एवं रुपये 12 लाख रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर तथा सौ किलोग्राम या लीटर से अधिक के उत्पादन पर खाद्य लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। खाद्य पंजीकरण का शुल्क सौ रुपये वार्षिक है, जबकि खाद्य लाइसेंस का शुल्क ट्रेडिंग के लिए दो हजार रुपये वार्षिक है। उत्पादन के लिए उत्पादन क्षमता के आधार पर वार्षिक शुल्क तीन और पांच हजार है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा-31 के तहत सभी खाद्य कारोबार कर्ताओं को लाइसेंस कराना अनिवार्य है। खाद्य लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। बिना खाद्य पंजीकरण के कारोबार करने वाले पर 25 हजार से दो लाख रुपये तक का अर्थदंड का प्रावधान है। बिना खाद्य लाइसेंस के कारोबार करने पर तीन लाख रुपये तक का अर्थदंड और छह महीने कारावास का प्रावधान है।
इन वस्तुओं के कारोबारियों को लेना होगा पंजीकरण/लाइसेंस
खाद्य कारोबारी कर्ता की श्रेणी में सभी मिठाई विक्रेता, किराना और परचून विक्रेता, टी-स्टॉल, चाट, फास्ट फूड विक्रेता, सब्जी और फल विक्रेता, जूस विक्रेता, अनाज, घी, तेल व्यापारी, गुड़ और चीनी विक्रेता, बेकरी, डेयरी, दुग्ध विक्रेता, तमाम पेय पदार्थ एवं अन्य खाद्य सामग्री विक्रेता शामिल हैं। मीट और मांस विक्रेता विक्रय के लिए जानवर का वध पशु वधशाला से कराने के बाद ही कर सकेंगे। इसके आधार पर ही लाइसेंस मिल सकेगा।
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