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रोहिंग्या अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म के विरोध में सड़कों पर उतरा मुस्लिम समाज

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रोहिंग्या अल्पसंख्यकों के समर्थन में निकाला जुलूस
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सहारनपुर। म्यांमार में रोहिंग्या अल्पसंख्यकों पर जुल्म होने का आरोप लगाते हुए मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। हजारों की संख्या में लोगों ने जुलूस निकालकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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मंगलवार को हजारों की संख्या में एकत्र हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने अरबी मदरसा से चिलकाना रोड पर गोल कोठी तक जुलूस निकाला। इसके पश्चात राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या अल्पसंख्यकों का कत्ल किया जा रहा है। इन घटनाओं से दुनिया के सभी अमन-पसंद देश बेचैन हैं। म्यांमार के चरमपंथियों, सेना और वहां की सरकार की नेता आंगसान की कड़े शब्दों में निंदा की। कहा कि आंगसान को लोकतंत्र की अलंबरदार के रूप में देखा जाता था। उन्हें शांतिप्रिय व सद्भाव का प्रचारक समझा जाता था। इसीलिए उनको अंतरराष्ट्रीय नोबेल पुरस्कार दिया गया था। मगर म्यांमार में वर्तमान में हो रही घटनाओं में आंगसान ने अत्याचारियों को खुली छूट दे रखी है। मासूम बच्चों, औरतों और पुरुषों का कत्ल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि भारत में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों का पूरा सहयोग किया जाए। म्यांमार के हालात जब तक सामान्य नहीं होते हैं, उन्हें यहीं रखा जाए। इस दौरान मौलाना रियाज नदवी, लईक अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद अनस, अब्दुल कय्यूम, अली अहमद, हाजी रबिउलकदर, खिसाल अहमद, सईद अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद हारून, मोहम्मद अलीम, पीरू, हाफिज खलील, सूफियान अहमद, फिशहान अहमद, अदनान सिद्दीकी, हैदर रऊफ सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे।
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