सहारनपुर। वुड कार्विंग उद्योग की चमक बढ़ाने को अब हस्त शिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) नए उद्यमियों को इससे जोड़ने की तैयारी कर रहा है। नए इंटरप्रेन्योर के जरिए सहारनपुर के वुड कार्विंग एक्सपोर्ट को आठ गुना किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाकायदा इंटरप्रेन्योर को डाक्यूमेंटेशन के साथ अन्य कामों में मदद की जाएगी। एक्सपोर्ट की बारीकियों को समझाने के लिए मुरादाबाद और जोधपुर के एक्सपोर्टर्स से उन्हें रूबरू भी कराया जाएगा। ईपीसीएच का लक्ष्य वुड कार्विंग उद्योग के एक्सपोर्ट को पांच हजार करोड़ रुपये करने का है।
पिछले कई साल से वुड कार्विंग उद्योग को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण एक्सपोर्ट में लगातार कमी आ रही है। ऐसे में ईपीसीएच एक्सपोर्टर्स की संख्या बढ़ाकर इसमें नए लोगों को जोड़ने की पहल कर रहा है। बृहस्पतिवार को सेमिनार के बाद अब जल्द ही इंटरप्रेन्योर के साथ एक बड़ी बैठक कर इस उद्योग से जोड़ने की कवायद होगी। इसमें एक्सपोर्टर्स को मिलने वाले अनुदान, कागजी कार्रवाई में पूरी मदद का अश्वासन सहित अन्य जरूरतों को पूरा करने में ईपीसीएच भूमिका निभाएगा। इसके अलावा तेजी से आगे बढ़ रहे मुरादाबाद और जोधपुर के एक्सपोर्टर्स से भी इन उद्यमियों को रूबरू कराया जाएगा।
पांच लाख से शुरू होगा वेलफेयर फंड
वुड कार्विंग से जुड़े मजदूरों और उनके परिवारों के लिए ईपीसीएच ने आर्ट वेलफेयर फंड की स्थापना की घोषणा कर इसमें पांच लाख रुपये का अनुदान दिया है। इसमें एक्सपोर्ट से आने वाले फंड का एक निश्चित अमाउंट जमा होता रहेेगा। इसके लिए मजूदर परिवारों के शिक्षा और अन्य आर्थिक सुधारों की दिशा में काम किया जाएगा।
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ईपीसीएच के सेमिनार से कई बातें काफी साफ हो गई हैं। जल्द ही नए उद्यमियों को वुड कार्विग से जोड़ने के लिए ईपीसीएच दोबारा यहां आयोजन करेगी। इसमें प्रशासन की पूरी मदद होगी।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त