सहारनपुर। बड़े बकाएदारों से टैक्स वसूलने के लिए नगर निगम के अधिकारी मंगलवार को दिन भर दौड़ते नजर आए। दो होटलों को सील किया जाना था, मगर होटल मालिकों ने कुछ रकम जमा करते हुए शेष के लिए दस दिन की मोहलत मांगी। नगर निगम अधिकारियों ने टैक्स वसूली का अभियान लगातार चलाने की बात कही है।
अमर उजाला ने मंगलवार के संस्करण में कर वसूली में खेल, आय बढ़ाने में निगम फेल के शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया, जिसमें टैक्स विभाग की शिथिलता और वसूली में बरती जा रही लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया। समाचार छपते ही नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने टैक्स विभाग के अधिकारियों को बड़े बकाएदारों से वसूली के निर्देश दिए। कर अधीक्षक विनय कुमार शर्मा और कर्नल सेवानिवृत्त बीएस नेगी के नेतृत्व में नगर निगम की टीम घंटाघर स्थित होटल महारानी को सील करने पहुंची। होटल पर 34,72,314 रुपये टैक्स बताया गया। कुछ ही देर बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी भी मौके पर पहुंचे। पहले तो होटल स्वामी टैक्स चुकाने में आनाकानी करते नजर आए, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने होटल को सील करने का मन बना लिया। जैसे ही होटल को सील करने लगे तो तुरंत रोक दिया गया। इसके बाद पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक होटल स्वामी की ओर से जमा कराए गए तथा शेष राशि जल्द ही जमा कराने की बात कही गई। वहीं, अंबाला रोड स्थित होटल ग्रीन लॉज पर एक लाख 65 हजार रुपये टैक्स बकाया था। होटल स्वामी ने टीम के पहुंचने से पहले ही पूरा पैसा जमा करा दिया। होटल स्वामी ने एक लाख 15 हजार रुपये का चेक और 50 हजार रुपये कैश जमा कराए। वहीं, लिंक रोड निवासी एक बकाएदार ने भी 87 हजार रुपये का पूरा बकाया जमा कराया। नगर निगम की टीम के वसूली करने के लिए निकलने की सूचना से बड़े बकाएदारों में हड़कंप की स्थिति रही। ---------
200 बड़े बकाएदारों की लिस्ट तैयार
नगर निगम 200 बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर रहा है। इनमें सभी बकाएदार 50 हजार रुपये से अधिक टैक्स वाले हैं। यदि 50 हजार रुपये से अधिक के बकाएदार खुद टैक्स जमा नहीं कराते हैं तो नगर निगम उनके नाम सार्वजनिक करने के साथ ही घरों पर जाकर वसूली करेगा। नगर निगम सूत्रों की मानें तो करीब 20 करोड़ रुपया टैक्स के रूप में लोगों पर बकाया है।
सील के साथ ही नीलामी की भी कार्रवाई होगी
नगर निगम ने लाखों रुपये के बकाएदारों द्वारा टैक्स जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित भवनों को सील करने का निर्णय लिया है। यदि फिर भी टैक्स नहीं चुकाया जाता है तो नगर निगम भवन को अपनी संपत्ति घोषित कर नीलाम करेगा। नीलामी से मिलने वाले पैसे से अपना टैक्स काटकर शेष पैसा भवन स्वामी को सौंपेगा।
टैक्स के बकाएदारों के खिलाफ अभियान की शुरूआत कर दी गई है। हमने 200 बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की है। यदि लोगों ने खुद ही टैक्स जमा नहीं कराया, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ी तो भवनों को सील करने और नीलाम करने की कार्रवाई भी की जाएगी। -- विनय कुमार शर्मा, कर अधीक्षक।