सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि अध्यात्म मार्ग पर चलकर ही सफलता मिलेगी। महापुरुषों के आदर्श युवाओं को नई दिशा देते हैं। इसलिए हमें महापुरुषों का अनुसरण करना चाहिए। बच्चों के लिए मां-बाप से बड़ा हितैषी कोई नहीं है।
गोविंद विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा को रविवार को विश्राम दिया गया। कथा व्यास आत्मानुभवी महाराज ने कहा अध्यात्म मार्ग एक ऐसा रास्ता है, जिस पर चलकर मानव सफलता हासिल करता है। कथा व्यास ने युवाओं को महर्षि विवेकानंद और राजा भरत जैसे महापुरुषों का अनुसरण करने को प्रेरित किया। मां-बाप अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से हर क्षेत्र में जीतना चाहते हैं, लेकिन अपने बच्चों से हारना चाहते हैं। मां-बाप चाहते हैं कि उनकी संतान धन, मान-सम्मान और बुद्धि में उनसे बड़ी बने। इसलिए बच्चों के सबसे बड़े हितैषी मां-बाप होते हैं। पंडित मोहन, योगेश पुंडीर, नेत्रपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, राजू सैनी, साहब सिंह पुंडीर, लोकश शर्मा, मनी शर्मा ने आत्मानुभवी महाराज को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान सुषमा सिंह, नीलम शर्मा, अनीता धीमान, लीला शर्मा, सीमा, सुषमा शर्मा मौजूद रहे।