किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है एससी एसटी एक्ट
सहारनपुर। जय भारत स्वाभिमान संगठन की ओर से रविवार को भारतीय संविधान में एससी, एसटी वर्गों के अधिकार एवं संरक्षण विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एससी, एसटी एक्ट समाज के किसी वर्ग या जाति के खिलाफ नहीं है।
रविवार को बामियान बौद्घ विहार सभागार में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि एसएसी, एसटी एक्ट का राजनीतिक इशारे पर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देेश की आजादी के 70 वर्ष बाद भी दलित वर्ग समाज की मुख्यधारा में क्यों नहीं आ पाया है, इस पर सरकारें चुप हैं। उन्होंने कहा कि दलितों को भी समानता और स्वतंत्रता से जीने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। वक्ताओं ने कहा कि संविधान अपने आप में सम्पूर्ण है, लेकिन उसे लागू करने वालों की नीयत साफ नहीं है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज गिरि, मेरठ कालेज के प्रोफेसर सतीश प्रकाश, पूर्व आईपीएस आरएस दारापुरी, रामकुमार, नदीम खान, राहुल कुमार, शिवकुमार नाथीराम, स्वराज सिंह, सुभाष कुमार, श्रवण कुमार, केपी सिंह, बाबूराम आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता अमर सिंह और संचालन संजय तेगवाल ने किया। सुल्तान सिंह, संतलाल, राकेश गौतम, सोमपाल प्रधान, महेंद्र प्रधान, डॉ. अरविन्द कुमार, मैनपाल सिंह, रामनाथ सिंह, विवेक भारती, ज्ञानचंद आजाद, सोनू बिरला, विनोद वैद्य, राजकुमार धोबी, आरसी सोनकर, खानचंद जौहरी, सीताराम सहगल, राकेश नौटियाल, साधुराम आदि रहे।